मोमो चैलेंज के चक्कर में चली ना जाए आपके बच्चे की जान, ऐसे बचाएं

न्यूज 24 ब्यूरो, विनोद जगदाले, मुंबई (21 अगस्त):  जान लेने वाले ब्लू व्हेल गेम से पिछले साल जबरदस्त हड़कंप मचा था। अब ब्लू व्हेल गेम के बाद एक नए वीडियो गेम ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा रखा है। मोमो चैलेंज ने विदेशों के बाद भारत में भी दस्तक दे दी है। राजस्थान के अजमेर में मोमो चैलेंज की वजह से एक बच्ची की मौत हो गई। बताया जाता है कि इस गेम की वजह से मासूम छात्रा ने अपनी जान दे दी।

इंसान जैसी चिड़िया का चेहरा ही मोमो चैलेंज की पहचान है। देखने में ये बेहद डरावना है। इस डरावने चेहरे के नीचे चिड़िया का धड़ और डरावने पंजे हैं। बताया जा रहा है कि बच्चे इस शैतान के हर आदेश का पालन करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। बताया जा रहा है कि मोमो चैलेंज का खतरनाक खेल व्हाट्स एप से तेजी से फैल रहा है। सबसे पहले व्हाट्स एप पर किसी अनजान नंबर से मैसेज आता हैं, जो कम उम्र के बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है।

खबरों के मुताबिक मोमो चैलेंज में ये शैतान बच्चों से बातें करता है, उन्हें खतरनाक स्टंट के टास्क देता है। लेकिन धीरे-धीरे ये खेल मौत के खेल में बदल जाता है। कई हिंसक टास्क पूरा करने के बाद मोमो चैलेंज के इस खतरनाक खेल में बच्चों को आत्महत्या करने का चैलेंज दिया जाता है। मोमो चैलेंज से हुई मौत की पहली खबर अर्जेंटिना से बाहर आई थी, जहां मीडिया में छपी खबरों में बताया गया कि मौत के मोमो गेम की वजह से एक बच्ची की जान चली गई। इसके बाद मोमो गेम की जुड़ी डरावनी खबरों को दुनिया भर की मीडिया में कवरेज मिल रही है।

मोमो चैलेंज में जिन देशों से बच्चों को टारगेट किया जा रहा है उनमें जापान, मैक्सिको और कोलंबिया शामिल हैं। साफ है कि इन तीन देशों से ही खतरनाक वीडियो गेम की ये बीमारी सारी दुनिया में फैल रही है। मोमो चैलेंज के चिड़िया वाले इस शैतान को जापान में तैयार किया गया था, लेकिन अब ये शैतान मोमो चैलेंज गेम का चेहरा बन चुका है। देश में पहली बार मोमो चैलेंज से जुड़ी मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि 10वीं क्लास में पढ़ने वाले एक छात्र ने जन्मदिन के तीन दिन बाद आत्महत्या कर ली थी। मोबाइल फोन की जांच में मोमो चैलेंज गेम के नियम और बच्चे के शरीर पर बने निशान संकेत दे रहे हैं कि मौत की वजह मोमो चैलेंज हो सकता है।

मोमो चैलेंज के इस शैतान को सबसे पहले जापान में बनाया गया। अब ये शैतान इस खतरनाक खेल का चेहरा बन चुका है। जो 10 साल से लेकर 20 साल तक के बच्चो को निशाना बनाता है।