भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी यूपीए सरकार


नई दिल्ली(15 जुलाई): आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को आतंकियों की सूची में डालना चाहती थी यूपीए सरकार। एक अंग्रेजी चैनल के मुताबिक यूपीए सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस चीफ मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी। भागवत को 'हिंदू आतंकवाद' के जाल में फंसाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के मंत्री कोशिश में जुटे थे।


- अजमेर और मालेगांव ब्लास्ट के बाद यूपीए सरकार ने 'हिंदू आतंकवाद' थिअरी दी थी। इसी के तहत सरकार मोहन भागवत को फंसाना चाहती थी और इसके लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के बड़े अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा था।


-चैनल को यह जानकारी मिली है कि जांच अधिकारी और कुछ वरिष्ठ अधिकारी अजमेर और दूसरे कुछ बम ब्लास्ट मामलों में तथाकथित भूमिका के लिए मोहन भागवत से पूछताछ करना चाहते थे। ये अधिकारी यूपीए के मंत्रियों के आदेश पर काम कर रहे थे, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी शामिल थे। ये अधिकारी भागवत को पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहते थे।