3 लाख से ज्यादा स्वयंसेवको को संबोधित करेंगे भागवत, 2019 पर होगी नजर

अमित कुमार, नई दिल्ली (16 फरवरी): आरएसएस 25 फरवरी को मेरठ में महा समागम का आयोजन करने जा रहा है। राष्ट्रोदय नाम से आयोजित समागम देश में अभी तक हुए सभी बड़े समागमों में से सबसे विशाल होगा, जोकि वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करेगा। इस संघ के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में करीब 300000 स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे।

आरएसएस का कहना है कि ये आयोजन संघ की विचारधारा और संगठन के विस्तारक कार्यक्रम का हिस्सा है, लेकिन सूत्रों की माने तो इस समागम के जरिये आरएसएस केंद्र में मोदी सरकार की वापसी के लिए रोडमैप तैयार कर रहा है। इससे पहके मथुरा में भी संघ एक महा समागम कर चुका है, लेकिन वहां केवल संघ के पदाधिकारियों और बीजेपी से जुड़े बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था, लेकिन मेरठ के समागम में आम स्वयंसेवक भी शामिल होंगे।

2014 में मोदी सरकार बनने के बाद संघ के विस्तारक के लिए सबसे बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है। जिसमें संघ के बड़े से छोटे सभी पदाधिकारी की भागीदारी रहेगी यानी राष्ट्रीय स्तर से लेकर शाखा स्तर तक के स्वयंसेवक का जुड़ाव रहेगा। 25 फरवरी को शाम 3 बजे से 5 बजे के बीच सरसंघ चालक मोहन भागवत स्वयंसेवको को संबोधित करेंगे। अवधेशानंद जी महाराज भी मंच पर होंगे।

समागम की तैयारी नवंबर माह से शुरू कर दी गई थी और इसको लेकर संघ में अलग-अलग स्तर पर पदस्थ पदाधिकारियों ने बैठक में की थी। जाहिर है कि इस विशाल बैठक से एक बड़ा राजनीतिक संदेश जनता और राजनीतिक गलियारों में जाना तय है। हालांकि इस आयोजन को राजनीति से जोड़कर देखने की बात से संघ मना कर रहा है, लेकिन यह बात है कि मोदी सरकार की वापसी की तैयारी के लिए यह बैठक एक दिशा तय करेगी और इस और संघ का यह बड़ा कदम माना जा रहा है। सबसे बड़ी बात इसमें शामिल होने वाले स्वयंसेवको का एक बड़ा डेटा बेस तैयार हो जायेगा, जिसका उपयोग चुनावों के दौरान बीजेपी के पक्ष में किया जाएगा।

इस बैठक में 300000 परिवारों को साथ जोड़कर संघ की ओर से एक खास संदेश दिया जाएगा और इस बैठक में अधिकतर नौजवान और किसानों को जोड़ने का मकसद है। हालांकि डॉक्टर, शिक्षक, वकील, व्यापारी और स्टूडेंट भी बड़ी तादाद में होंगे। इस कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं। रजिस्ट्रेशन में ग्रामीण इलाके के 2 लाख 18 हजार 214 और शहरी क्षेत्र के करीब 93 हजार 365 स्वयंसेवक ने हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।

इस कार्यक्रम में सहभोज का कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसके तहत तीन लाख से ज्यादा स्वयंसेवकों के लिए खाने की व्यवस्था की जाएगी और इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले सभी स्वयंसेवको से कहा गया है कि हर कोई खाने की 2-2 पैकेट लाने को कहा गया है और फिर सभी एक साथ बैठ कर खाना खाएंगे। इस सहभोज का खास मकसद है, क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश जाति संघर्ष के लिए जाना जाता रहा है ऐसे में सभी जात और धर्म के लोग साथ बैठकर खाएंगे और समाज मे सद्भाव का संदेश भी संघ देगा।

मेरठ प्रांत में 14 जिले आते है, जिसके तमाम बस्ती और गांव से 3 लाख 14 हजार स्वयंसेवक जुड़ेंगे। इन 14 जिलों में 987 मंडल और 10580 गांव के स्वयंसेवक उनसे जुड़े हैं। इस बैठक में राष्ट्र सर संघचालक मोहन भागवत 3 लाख स्वयंसेवकों के नाम एक बड़ा संदेश देंगे और जाहिर तौर पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।