हिंदुत्व की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं: भागवत

नई दिल्ली (29 अगस्त): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपनी विचारधारा को लेकर स्पष्टता लाने के लिए अहम बात की। कुछ राजनीतिक दलों की तरफ से संघ पर "सांप्रदायिक" होने के आरोप लगते हैं। जिनके बीच भागवत ने सफाई देते हुए कहा कि "हिन्दुत्व" की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं है।

- रिपोर्ट के मुताबिक, भागवत ने लखनऊ विभाग के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हिन्दुत्व की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं है।" - "किसी का द्वेष और विरोध हिन्दुत्व नहीं है बल्कि सबके प्रति प्रेम, सबके प्रति विश्वास और आत्मीयता ही हिन्दुत्व है।" - उन्होंने कहा, "हम देश के लिए काम करते हैं। हिन्दुत्व कोई कर्मकांड भी नहीं है। यह अध्यात्म व सत्य पर आधारित दर्शन है।'' - संघ प्रमुख ने कहा कि भारत की एकता अखण्डता को अक्षुण्ण रखते हुए इसे परमवैभव पर पहुंचाना ही हमारा लक्ष्य है.