शहाबुद्दीन को जाना पड़ेगा जेल!, जिला प्रशासन ने 'डॉन' के खिलाफ भेजा रिपोर्ट

नई दिल्ली (15 सितंबर): बाहुबली शहाबुद्दीन जेल बाहर आ चुका है। इस वजह से सीवान में कानून व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच सीवान जिला प्रशासन ने जिले की हालात पर नीतीश सरकार को एक रिपोर्ट भेजी है। ये रिपोर्ट 13 सितंबर को भेजी गई है, जिसमें कहा गया है कि शहाबुद्दीन के बाद से सीवान में दहशत है। कानून व्यवस्था खराब हो चुकी है। इस रिपोर्ट के बाद पटना से एसटीएफ की स्पेशल टीम चीता को भेजा गया है। प्रशासन ने सरकार को बताया है कि खराब हालात को देखते हुए चंदा बाबू और राजदेव रंजन के परिवार को भी सुरक्षा मुहैया कराया गया है। 

उधर आज पीड़ित चंदा बाबू का परिवार आज सुप्रीम कोर्ट में शहाबुद्दीन की जमानत को चुनौती देगा। अपनी याचिका में पीड़ित परिवार शहाबुद्दीन को दोबारा जेल भेजने की मांग करेगा। आपको बता दें कि शहाबुद्दीन पर आरोप है कि उसने चंदा बाबू के तीन बेटों की हत्या करवाई थी। इससे पहले कल सर्वोच्च अदालत में पत्रकार राजदेव रंजन की बीवी भी याचिका दायर कर चुकी हैं। आशा रंजन ने अपनी याचिका में शहाबुद्दीन के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।

हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुए शहाबुद्दीन पर हो रही सियासत के बीच उस पिता को इंसाफ का इंतेजार है जिसके दो बेटों को तेजाब से नहलाकर मार डाला गया और एक बेटे की हत्या कर दी गई थी। बिहार का ये माफिया डॉन फिलहाल जेल से बाहर है लेकिन हाईकोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने के लिए वो बदनसीब बाप आज सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।

माफिया डॉन शहाबुद्दीन पर फिर एकबार शिकंजा कसता जा रहा है , सियासी उठापटख के बीच फिर से इंसाफ के लिए उठ खड़ा हुआ है वो परिवार जिसके तीन बेटों की हत्या कर दी गई थी। आज बेटों को इंसाफ दिलाने  के लिए सीवान का सहमा परिवार सबसे बड़ी अदालत में इंसाफ की गुहार लगाने जा रहा है। सुप्रीम अदालत में हाईकोर्ट के जमानत के फैसले को चुनौती देने जा रहा है।

इधर नीतीश सरकार शहाबुद्दीन प्रकरण पर पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है और अब इसकी भरपाई के लिए हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की वकालत कर रही है। यानी जिस सरकार पर शहाबुद्दीन की तरफदारी का आरोप लगा अब वो शहाबुद्दीन के खिलाफ सबसे बड़ी अदालत जाने के लिए तैयार हो गई है।

इन कवायदों से ऐसा लग रहा है कि डॉन की उलटी गिनती शुरू हो गई है। सीवान का साहेब जल्द ही सलाखों के पीछे होगा क्योंकि पत्रकार राजदेव की हत्या की जांच सीबीआई कर रही है। तीन बेटों को गवां चुके चंदा बाबू हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम अदालत में चुनौती दे रहे हैं साथ ही बिहार सरकार भी इस मामले में अपनी लाज बचाने के लिए इस केस को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की तैयारी में है।