चीनी मीडिया की बड़ी 'भविष्यवाणी'- 2019 में मोदी का जीतना तय, सीमा विवाद भी सुलझेगा!

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (16 मार्च): देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में से चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत से इंटरनेशनल मीडिया भी पीएम मोदी का मुरीद हो गया है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और मिडिल ईस्ट के बड़े-बड़े अखबारों की सुर्खियों में पीएम मोदी छाए हुए हैं। अब भारत का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धी चीन भी मोदी की तारीफ में कसीदे पढ़ रहा है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में उत्तर प्रदेश चुनाव में जबरदस्त जीत पर बीजेपी और पीएम मोदी की प्रशंसा की है। ग्लोबल टाइम्स ने लेख में लिखा है कि पीएम मोदी ने जिस तरह से सत्ता पर अपनी पकड़ बनाई है उससे साफ है कि 2019 में उनका फिर से पीएम बनना तय है। साथ ही अखबार ने उम्मीद जताई है कि पीएम मोदी के रहते भारत-चीन के बीच सीमा विवाद भी सुलझ सकता है।

ग्लोबल टाइम्स ने की पीएम मोदी की तारीफ... कहा "मैन ऑफ एक्शन"-

    * अखबार के मुताबिक पीएम मोदी लम्बे समय तक भारत की राजनीति में छाए रहेंगे।

    * बीजिंग और नई दिल्ली के संबंधों ने हाल ही में नाजुक चरण में प्रवेश किया था।

    * अब समय है कि चीन को भारत के साथ नए सिरे से संबंधों पर विचार करना चाहिए।

    * भारत के सबसे बड़े प्रदेश में बीजेपी की जीत ने 2019 का रास्ता साफ कर दिया है।

    * यूपी में बीजेपी की क्लीन स्वीप से मोदी का दोबारा पीएम बनना तय माना जा रहा है।

    * भारत की हार्ड-लाइन वाली सरकार के साथ बीजिंग को सफल संबंध बनाने होंगे।

    * लेख में ग्लोबल टाइम्स ने मोदी को "मैन ऑफ एक्शन" कह कर संबोधित किया है।

    * हालांकि पीएम मोदी द्वारा उठाए गए कुछ कदम परिणाम देने में असफल रहे।

    * फिर भी पीएम मोदी ने साबित कर दिया कि वह "मैन ऑफ एक्शन" हैं।

    * भारत के लोग विकास चाहते हैं इसी के परिणामस्वरूप मोदी को मजबूत समर्थन मिला है।

चीन को आशा भारत से सीमा विवाद सुलझ सकता है...

    * पीएम मोदी भारत के लोगों के समर्थन के साथ एक मजबूत नेता बन रहे हैं।

    * इससे मोदी चीन के साथ बड़ी समस्याओं के समाधान करने के लिए बोल्ड फैसले ले सकेंगे।

    * अखबार ने लिखा कि जो स्वभाव से हार्ड-लाइनर होते हैं वो समझौते मुश्किल से करते हैं

    * लेकिन जब वो समझौते करते हैं तो निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम होते हैं।

    * अखबार ने उम्मीद जताई है कि पीएम मोदी के रहते भारत-चीन के बीच सीमा विवाद सुलझ सकता है।

    * मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की किसी को अपमानित नहीं करने वाली इमेज को बदला।

    * उन्होंने दूसरे देशों के बीच विवादों पर अपनी सोच को खुलकर उजागर करना शुरू किया।

    * उन्होंने भारत के चीन ही नहीं और रूस के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाया।

    * शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन का मेंबर बनने के लिए एप्लाई किया।

    * मोदी ने अमेरिका और जापान के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाया है।

    * साउथ चाइना सी मुद्दे और एशिया-पैसिफिक पर अमेरिका की स्ट्रैटजी को भी सपोर्ट किया है।

चीन सीमा पर तनावपूर्ण रहे हैं हालात...

    * भारत-चीन के बीच सीमा रेखा जम्मू-कश्मीर से अरूणाचल प्रदेश तक 3488 किमी लम्बी है।

    * 2015 में चीन ने 150 बार घुसपैठ की, 2014 में 334 बार सीमा पर उल्लंघन कर चुका है।

    * जून 15, 2016 अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प इटानगर।

    * 8 मार्च 2016 लद्दाख में चीनी सेना ने फिर की भारतीय सरहदी क्षेत्र में अतिक्रमण की कोशिश।

    * 15 सितंबर 2014 चुमुर इलाके में 100 भारतीय सैनिकों को 300 चीनी सैनिकों ने घेर लिया।

    * 18 अगस्त 2014 भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों ने फिर की घुसपैठ, 30 किलोमीटर अंदर गाड़ा झंड़ा।

    * 15 जून 2014 चीनी हेलीकॉप्टरों ने अप्रैल और जून में दो बार उत्तराखंड में भारतीय सीमा में प्रवेश किया।

    * 5 सितम्बर 2013 चीनी सेना की बड़ी घुसपैठ, LAC पर गश्त से भारतीय फौज को रोका।

    * 23 अप्रैल 2013 Pangong Lake में दिखी चीनी सेना की वोट।

    * 15 अप्रैल 2013 लद्दाख के दौलतबेग ओल्डी क्षेत्र में चीनी सैनिकों को टैंट लगाए पहली बार देखा गया।

पिछले तीन सालों में भारत-चीन संबंधों में रहा उतार-चढ़ाव...

NSG में चीन भारत के रास्ते में रोड़ा बना...

    * चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह NSG में भारत की सदस्यता पर रोड़ा बनता रहा है।

    * चीन भारत के साथ पाकिस्तान को भी NSG सदस्यता दिलाना चाहता है।

    * जबकि दुनिया को पता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद चरम पर है।

    * ऐसे में पाकिस्तान में परमाणु सयंत्र और परमाणु बम सुरक्षित नहीं हैं।

    * दूसरा मुद्दा आतंकी मसूद अजहर पर UN में बैन को लेकर है।

    * भारत जब भी UN में मसूद के खिलाफ प्रस्ताव लेकर आता है।

    * चीन UN में अपने वीटो पावर का उपयोग कर उसको रोक देता है।

    * चीन पाकिस्तान की मदद के नाम पर लगातार रोड़े अटका रहा है।

चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर(CPEC)पर भारत-चीन आमने-सामने...

    * CPEC पाकिस्तान के कराची, ग्वादर पोर्ट को चीन के शिनजियांग को जोड़ेगा।

    * CPEC पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्तिस्तान से गुजरता है।

    * इसी कारण भारत को आपत्ति है, इससे पीओके में चीन का प्रभुत्व बड़ रहा है।

    * पीएम मोदी CPEC के मुद्दे पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से एतराज जता चुके हैं।

    * CPEC पर भारत के ऐतराज पर रूस भी उसके समर्थन में खड़ा रहा है।

    * चीन इस परियोजना के तहत पाकिस्तान में 3 लाख करोड़ रुपए निवेश कर चुका है।

    * इस प्रोजेक्ट की शुरूआत 2015 में हुई थी 3000 किमी का रेल-सड़क नेटवर्क बन चुका है।

    * 1 दिसंबर 2016 को चीन ने पाकिस्तान अपनी पहली रेलगाड़ी भी भेज दी थी।

    * उसने दक्षिण में स्थित कुन्मिंग से कराची तक 3500 किमी की दूरी तय की गई।

ताइवान से संबंधों पर चीन दे चुका है भारत को धमकी...

    * हाल ही में ताइवान से एक डेलिगेशन भारत आया था जिस पर चीन को ऐतराज था।

    * इस पर चीनी सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने कहा भारत ताइवान कार्ड खेलना बंद करे।

    * इस मुद्दे को छेड़ना आग से खेलने जैसा होगा, जिसके गंभीर नतीजे होंगे।

    * इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि यह गैर-राजनीतिक यात्रा थी।

    * ऐसे अनौपचारिक समूह धार्मिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक कारणों से पहले भी आते रहे हैं।

    * इसमें कुछ भी नया नहीं है चीन को  इसके राजनैतिक अर्थ नहीं निकालने चाहिए।

भारत की अतंरिक्ष में उपलब्धि से चीढ़ गया था चीन...

    * चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत के विश्व रिकॉर्ड पर तंज कसा।

    * लिखा 104 सैटेलाइट्स एक साथ लॉन्च करना भारत के लिए अचीवमेंट तो है।

    * लेकिन भारत की अतंरिक्ष में कामयाबी एक लिमिटेड कामयाबी है।

    * कामयाबी सिर्फ नंबर से नहीं होती और भारत ये जानता है।

    * स्पेस के क्षेत्र में भारत, अमेरिका और चीन से काफी पीछे है।

    * वर्तमान समय में भारत का कोई भी एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में नहीं हैं।

    * जबकि चीन के दो एस्ट्रोनॉट पिछले साल 30 दिन अंतरिक्ष में बिता चुके हैं।

ब्रह्मपुत्र के बांधों को लेकर भारत-चीन आमने-सामने...

    * चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र का की सहायक नदी शियाबुकू का पानी रोका है।

    * चीन इस नदी पर लाल्हो परियोजना बना रहा है, जिसकी लागत 5 हजार करोड़ है।

    * यह परियोजना जून 2014 में शुरू की गई थी और इसका निर्माण 2019 तक पूरा कर लिया जाना है।

    * पानी रोके जाने से भारत के पूर्वोतर के राज्यों में ब्रह्मपुत्र के जल का प्रवाह प्रभावित हुआ था।

    * चीन ने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर कई प्रोजेक्ट चला रखे हैं, जिसमें से एक है लाल्हो परियोजना।

    * चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर पावर प्रोजेक्ट के नाम पर ब्रह्मपुत्र के जल का प्रवाह को रोकने का काम कर रहा है।

    * हकीकत में चीन ब्रह्मपुत्र पर डैम बनाकर पानी का भंडारण कर रहा है, जो भविष्य में भारत के लिए खतरनाक है।

साउथ चाइना सी विवाद और भारत...

    * माना जाता है दक्षिण चीन सागर के रास्ते सालाना 500 अरब डॉलर का व्यापार होता है।

    * यही वजह से इसकी रणनीतिक, सामरिक और आर्थिक तौर पर यह इलाका महत्वपूर्ण है।

    * यहा पर भरपूर मात्रा में तेल, गैस और खनिज होने के प्रमाण मिले है।

    * भारत का 55% समुद्री कारोबार इसी इलाके से गुजरता है।

    * यह भारत के लिए अन्तराष्ट्रीय कारोबार बढाने का अहम रास्ता है।

    * भारतीय तेल कम्पनी ONGC इस इलाके में दो तेल ब्लाक की हिस्सेदारी ले चुकी है।

    * इसके अलावा भारतीय कम्पनियां वियतनाम, कबोडिया समेत कई देशो में निवेश कर रही है।

इन सबके बावजूद एक तरफ भारत-चीन में तनाव बड़ा तो दूसरी तरफ व्यापार भी बढ़ा...

    * भारत-चीन के बीच व्यापार संबंध मुख्य रिश्ते का आधार है।

    * दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की बड़ी अर्थव्यस्थाओं में गिनी जाती है।

    * दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते की शुरुआत साल 1978 में हुई थी।

    * उद्योग संगठन ASSOCHAM के मुताबिक 2000-01 और 2013-14 के बीच भारत से चीन को निर्यात लगभग दोगुना हुआ।

    * 2000-01 और 2013-14 के बीच भारत में चीनी सामानों का आयात रिकॉर्ड 34 गुना तक बढ़ चुका है।

    * यह भारत के कुल आयात के 13 फीसदी से ज्यादा है।

    * भारत और चीन के बीच अगर व्यापार की बात करें, तो ये 2003-2004 के7 अरब डॉलर था।

    * जो 2014-15 में बढ़कर दोनों देशों के बीच लगभग 70 अरब डॉलर यानी 4.70 लाख करोड़ का हो गया है।

    * जिसमें से भारत चीन को सिर्फ 79 हजार करोड़ रुपए का निर्यात करता है।

    * जबकि 3.87 लाख करोड़ का भारत चीन से आयात करता है, यानी कुछ व्यापार घाटा 3 लाख करोड़ रुपए है।