मोदी केयर से निजी अस्पताल नाखुश, कहा सस्ता इलाज संभव नहीं

नई दिल्‍ली (2 जून): मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 'आयुष्मान भारत' से आम लोगों को भले ही फायदा हो, लेकिन इससे कई बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल्स नखुश दिखाई दे रहे हैं। आपको बता दें कि फोर्टिस, अपोलो, मेदांता, नारायणा हेल्थ जैसे बड़े हॉस्पिटल्स का कहना है कि इस स्कीम के तहत जितने पैसों में इलाज करने के लिए कहा जा रहा है उतने में अच्छा इलाज देना एक तरीके से असंभव है।इसके लिए असोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (इंडिया) ने आयुष्मान भारत के सीईओ इंदु भूषण को पत्र भी भेजा है। पत्र में लिखा है, 'जो रेट तय किए गए हैं, उसमें प्राइवेट हॉस्पिटल्स के लिए खुद को बचाए रखना आसान नहीं होगा।वहीं दूसरी तरफ तय रेट्स की सफाई देते हुए भूषण ने कहा है कि रेट राष्ट्रीय स्तर पर तय भले ही किए गए हैं, लेकिन राज्यों को 10 प्रतिशत तक बदलाव करने की छूट है जिसकी वजह से अब ऐसी दिक्कत आनी ही नहीं चाहिए। वहीं आपको बता दें कि मोदी सरकार की इस योजना को लेकर प्राथमिकता देश के छोटे शहरों तक अच्छे इलाज की सुविधा को पहुंचाना है।