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कालेधन पर बड़ी सफलता! स्विटजरलैंड अकाउंट होल्डर्स की जानकारी देने की प्रक्रिया करेगा आसान

नई दिल्ली (10 जून): कालेधन के मुद्दे पर भारत को स्विटजरलैंड ने बड़ी राहत दी है। स्विटजरलैंड ने कहा है कि वह स्विस बैंक में अकाउंट होल्डर्स के नाम के बारे में जानकारी दिए जाने को लेकर नियमों को आसान करेगा। अगर कोई देश अपने यहां के नागरिकों के बैंक अकाउंट की डीटेल मांगता है तो जानकारी देने की प्रक्रिया आसान होगी। ये सूचनाएं 'स्टोलन डेटा' के आधार पर प्रदान की जाएंगी।

'इकॉनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस गवर्नमेंट ने साफ कहा है कि स्टोलेन डाटा के बेस पर अकाउंट होल्डर्स के बारे में दूसरे देशों को जानकारी देने की प्रक्रिया आसान की जाएगी। यह प्रस्ताव स्विस फेडरल काउंससिल ने स्वीकार कर लिया है। गौरतलब है, हाल ही में पीएम मोदी ने स्विटजरलैंड के प्रेसिडेंट से कालेधन के मसले पर मुलाकात की थी। भारत लगातार कोशिशों में लगा है कि स्विटजरलैंड के बैंकों में कालेधन को वापस लाया जाए। ऐसे में स्विटजरलैंड के इस निर्णय से भारत को बड़ी राहत मिली है। 

पिछले हफ्ते मोदी के स्विटजरलैंड विजिट के दौरान स्विटजरलैंड ने साफ कहा है कि स्टोलेन डाटा के बेस पर अकाउंट होल्डर्स के बारे में दूसरे देशों को जानकारी देने की प्रक्रिया आसान की जाएगी। मोदी के स्विटजरलैंड विजिट के दौरान स्‍वि‍ट्जरलैंड ने भारत को काले धन से जुड़ी जानकारी देने पर सहमति‍ जताई थी। साथ ही तय समय पर सूचना देने पर राजी हो गया है। 

ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी दौरे से भारत को बड़ी सफलता मिली है। 2013 में यह प्रस्ताव खारिज हो गया था। इसके पहले 2013 में में फेडरल काउंसिल को यह सुझाव दिया गया था कि स्टोलेन डाटा के आधार पर अकाउंट होल्डर्स के नामों की जानकारी देने की प्रक्रिया आसान की जाए। लेकिन तब यह प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था। अब तक स्विस बैंकों में विदेशी अकाउंट होल्डर्स के बारे में सूचना पाने की प्रक्रिया काफी जटिल रही है।

पिछले महीने स्विटजरलैंड ने टैक्स इन्फॉर्मेशन के आदान प्रदान के लिए 'ऑटोमैटिक एक्सचेंज' के लिए एक तंत्र विकसित करने के लिए अध्यादेश प्रक्रिया शुरू की है। 


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