मोदी और पुतिन ने मिलकर रोका सऊदी अरब को 'तेल रथ'


नई दिल्ली (16 नवंबर): भारत की रिफायनरी कंपनी एस्सार की डील ठण्डे बस्ते में जा चुकी थी। रूसी खरीददारों ने हाथ पीछे खींच लिये थे। भारत की पेट्रोलियम स्थिति के लिए स्थिति काफी चिंताजनक हो चुकी थी। मौका भांप कर ओपेक देशों के प्रतिनिधि के तौर पर सऊदी अरब की आरामको ने भारत में अपना दबदबा बनाने के लिए एस्सार को खरीदने का मन बना लिया था।

अगर सऊदी अरब ने एस्सार को खरीद लिया होता तो रूस को काफी नुकसान हो सकता था। ऐसे माहौल में पुतिन ने मोदी को फोन किया। सौदा रूस की रोजनेफ के पक्ष में करने का आग्रह किया। मोदी और पुतिन के बीच बात हुई और रोजनेफ एस्सार को 13 अरब डॉलर में खरीदने को तैयार हो गया। पहले रोजनेफ सिर्फ 6 अरब डॉलर ही दे रही थी। जबकि आरामको ने 10 लाख डॉलर का ऑफर रख दिया था। एस्सार की खरीद के साथ ही रूस पेट्रोलियम निर्यातकों में बर्चस्व की जंग जीत गया। इसी के साथ रूस की कंपनी भारत में सबसे बड़ी विदेशी रिफायनरी कंपनी भी बन गयी है।