नौकरी ना मिलने पर खोला 'मोदी पकौड़ा भंडार', हिट हुआ बिजनेस

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 जुलाई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ वक़्त पहले एक इंटरव्यू के दौरान पकौड़े बेचने को बेरोजगारी से अच्छा कहा था तो इस बयान की देशभर में काफी आलोचना की गई थी, लेकिन इस बयान से प्रेरणा लेकर कुछ लोगों ने असल में अपने रोजगार का साधन तलाश लिया। ऐसे ही एक शख्स आगरा के श्रीगोपाल अग्रवाल भी हैं, जिन्होंने हाल ही में पीएम मोदी के नाम पर ही पकौड़े की दुकान की शुरुआत की है।

आगरा के नूरी दरवाजा इलाके में स्थित अग्रवाल का मोदी पकौड़ा भंडार अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। महज 5000 रुपये की लागत से शुरू हुई इस दुकान पर अब ग्राहकों की भीड़ दिखने लगी है और शुरुआत के महज दो दिनों में ही मोदी पकौड़ा भंडार अच्छा मुनाफा कमाने लगा है। तीन पार्टनरों के साथ शुरू हुए। इस खास स्टार्टअप की शुरुआत तीन ऐसे लोगों ने की है, जो लंबे वक्त से नौकरी ढूंढ रहे थे। लेकिन तमाम प्रयासों के बाद जब यह सफल नहीं हुए, तो इन्होंने बेरोजगार रहने की बजाय पकौड़े की दुकान खोलने का फैसला कर लिया।

दुकान चलाने वाले श्रीगोपाल ने बताया कि उनके स्टार्टअप को इस वक्त काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी लागत का सारा पैसा इस एक हफ्ते की बिक्री से ही उन्हें वापस मिल जाएगा। वहीं श्रीगोपाल के एक अन्य साथी राजकुमार कहते हैं कि नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पकौड़ा बेचकर हर दिन 200 रुपये कमाना भी बेरोजगार होने से अच्छा है। हमनें पहले नौकरी ढूंढने में अपना पैसा और समय दोनों ही बर्बाद किया, लेकिन अब इस दुकान से हमें अच्छी खासी आमदनी होने लगी है। उन्होंने यह भी बताया कि दुकान पर फिलहाल 5 तरह के पकौड़े 120 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे जा रहे हैं और इस बिजनस को आम लोगों ने काफी पसंद भी किया है।

बता दें कि पिछले दिनों एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में जब पीएम मोदी से अपर्याप्त नौकरी सृजन के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि अगर कोई पकौड़ा बेचकर प्रतिदिन 200 रुपये कमाता है तो उसे भी नौकरी के तौर पर माना जाना चाहिए। पीएम के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसकी काफी आलोचना की थी। इसके अलावा कांग्रेस और एसपी जैसी पार्टियों के लोगों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में पकौड़े बेचकर पीएम के बयान का सांकेतिक विरोध भी किया था।