ब्लैक मनी और एनएसजी के लिए मोदी स्विट्जरलैण्ड पहुंचे

नई दिल्ली (6 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों के दौरे के पर गत रात स्विट्जरलैंड पहुंचे। यहां वे स्विस बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा कराई गई ब्लैकमनी वापस लाने के लिए  स्विटजरलैण्ड की सरकार से बात-चीत करेंगे। साथ ही 48 मेंबर्स वाले न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में भारत की सदस्यता के लिए सपोर्ट मांगेंगे। प्रधानमंत्री का जोर टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ और ब्लैकमनी पर रहेगा। 

ब्लैक मनी पर भारत को इसलिए उम्मीदें हैं क्यों कि स्विट्जरलैंड भारत के साथ टैक्स इन्फॉर्मेशन साझा करने वाले ऑर्डिनेंस पर विचार कर रहा है। स्विट्जरलैंड ने कनाडा, जापान और कुछ अन्य देशों के साथ टैक्स नियमों के वॉयलेशन की इन्फॉर्मेशन साझा करने का करार पहले ही कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि  रहीस आर्थिक रूप से मजबूत स्विट्जरलैंड से मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया प्रोजेक्ट पर समझौते हो सकते हैं।

इसके अलावा मैक्सिको और स्विट्जरलैंड एनएसजी के मेंबर्स हैं। माना जा रहा है कि न्यूक्लियर क्लब के लिए सपोर्ट जुटाना ही दोनों देशों का दौरा अचानक तय होने के पीछे का मकसद है। एनएसजी में भारत को मेंबरशिप मिलने से उसके दूसरे देशों के साथ कारोबार के रास्ते खुल जाएंगे।