सबसे ज्‍यादा विदेश यात्रा करने के बावजूद मोदी सरकार ने ऐसे बचाए 2 करोड़

नई दिल्‍ली (2 जनवरी): नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने एक साल के भीतर सबसे ज्यादा विदेश यात्राएं कीं। बावजूद इसके उन्होंने और उनके मंत्रियों ने निर्धारित बजट से 2 करोड़ रुपये कम खर्च किये।

केंद्रीय वित्त खातों 2014-15 के आंकड़ों के मुताबिक संसद ने कैबिनेट के खर्च के लिए 316.76 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट का आवंटन किया था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों ने संयुक्त रूप से 314.76 करोड़ रुपये ही खर्च किए जो निर्धारित बजट से दो करोड़ रुपये कम है।

निर्धारित बजट से कम खर्च को मोदी के छोटे कैबिनेट से जोड़कर देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल सांसदों और मंत्रियों के बिल और भत्ते का खर्च 17-24 फीसदी के बीच रहा। जिसकी वजह से निर्धारित 4.40 करोड़ की जगह 3.63 करोड़ रुपये ही खर्च हुए।

एक साल के लिए निर्धारित बजट से कम खर्च होने के पीछे सरकार का तर्क है कि छोटे कैबिनेट की वजह से खर्चों में कमी आई है। कैबिनेट में कम सदस्य होने की वजह से बिल और भत्तों की खर्च में गिरावट आई। सरकार के मुताबिक, 'मोदी की कैबिनेट छोटी है। इसके अलावा कम विदेश यात्राओं की वजह से भी खर्चों में कमी आई है।'

केंद्रीय वित्त खातों के अनुसार जिन बिलों का भुगतान किया जाता है उनमें कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की यात्रा से जुड़े खर्च और वीवीआईपी के इस्तेमाल में प्रयुक्त किए जाने वाले विमान के रख-रखाव का खर्च शामिल है। इन विमानों का इस्तेमाल राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री करते हैं। नरेंद्र मोदी ने इस साल सबसे ज्यादा विदेश यात्राएं कीं।