मोदी सरकार दे रही है 100000000, आप भी उठाएं फायदा...

नई दिल्ली (5 फरवरी): मोदी सरकार ऐसे लोगों को बड़ी तादाद में सपोर्ट करने में लगी हुई है, जो अपना काम शुरू करके देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करना चाहते हैं। ऐसा ही एक काम है कोल्ड स्टोरेज का, जिसमें सरकार सरकार 50 फीसदी तक की सब्सिडी देती है, जो अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक होती है।

इस बिजनेस में काफी संभावनाएं हैं। सरकार की ही एक रिपोर्ट बताती है‍ कि देश भर में 6.1 करोड़ टन कोल्‍ड स्‍टोरेज की डिमांड है, जबकि अभी तक केवल 2.9 करोड़ टन की कैपेसिटी डेवलप हो पाई है। सरकार भी चाहती है कि देश में कोल्‍ड स्‍टोरेज की कैपेसिटी तेजी से बढ़े, इसलिए सरकार छोट से छोटे प्रोजेक्‍ट को प्रमोट कर रही है।

कोल्‍ड स्‍टोरेज से आशय ऐसे प्लांट से है, जहां फूड और डेयरी प्रोडक्‍ट्स को प्रिजर्व कर सकते हैं। देश कोल्‍ड स्‍टोरेज प्‍लांट्स न होने के कारण काफी सामान खराब हो जाता है, इसलिए इस तरह के यूनिट्स की डिमांड बढ़ती जा रही है। आप किसी भी शहर में कोल्‍ड स्‍टोरेज प्लांट लगाकर बिजनेस शुरू कर सकते हैं, जहां किसान व ट्रेडर्स एक तय कीमत देकर अपने प्रोडक्‍ट्स रख सकते हैं।

अगर आप कोल्‍ड स्‍टोरेज प्लांट लगाना चाहते हैं तो नेशनल हार्टिकल्‍चर बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक आपको 6000 रुपए प्रति टन से लेकर 8000 रुपए प्रति टन. रुपए प्रति टन तक का खर्च आएगा। आपको कम से कम 5000 मीट्रिक टन का प्लांट लगाना चाहिए, जिस पर लगभग 3 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

मिनिस्‍ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग के मुताबिक सामान्‍य इलाकों में फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्‍ट लगाने पर प्‍लांट एंड मशीनरी और टैक्निकल सिविल वर्क पर खर्च कुल रकम का 50 फीसदी सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, जम्‍मू कश्‍मीर, सिक्किम सहित नॉर्थ ईस्‍ट रीजन के इलाके में आप ऐसा प्‍लांट लगाते हैं तो आपको सरकार 75 फीसदी ग्रांट देती है। सरकार अधिकतम 10 करोड़ रुपए तक की ग्रांट देती है। जिसका मतलब है कि आप 20 करोड़ रुपए तक का प्रोजेक्‍ट शुरू कर सकते हैं।

वीडियो: ऐसे उठाएं फायदा...