किसानों की आर्थिक हालत को लेकर सर्वे कराएगी मोदी सरकार !

नई दिल्ली (13 जून): मोदी सरकार अपने तीन साल पूरे कर लिए हैं. 2014 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी किसानों से बड़ा वादा किया था। लेकिन नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के तीन साल बाद भी किसानों की स्थिति में कोई खास परिवर्तन नहीं आई है। लिहाजा किसान हताश और परेशान हैं। आर्थिक तंगी की वजह से भारी तादाद में किसान खुदकुशी कर रहे हैं। सड़कों पर उतर कर अपना रोष व्यक्त कर रहें हैं। आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

मोदी सरकार किसानों के लगातार बिगड़ते आर्थिक हालात से परेशान नजर आ रही है। इसी कड़ी मोदी सरकार ने किसानों की वित्तीय माली हालत को लेकर सर्वे कराने का फैसला किया है। सरकार ने इस सर्वे की जिम्मेदारी सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) को देने का मन बना रही है। बताया जा रहा है कि ये सर्वे अगले वित्त वर्ष 2018-2019 में शुरू की जाएगी।

- किसानों की वित्तीय माली हालत को लेकर मोदी सरकार करेगी सर्वे

- सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) को दी जाएगी सर्वे की जिम्मेदारी

- किसानों पर बकाया कर्ज़, उनकी लैंड होल्डिंग और जीवन स्तर का होगा सर्वे

- सरकार सर्वे के जरिये ये भी पता लगाया जाएगा कि किसानों ने जो कर्ज लिया है वो बैंक, वित्तीय संस्थानों से लिया गया है या फिर साहूकारों से

- सर्वे में किसानों से उनके घर (कच्चा या पक्का) ट्रैक्टर और मवेशियों के बारे में जानकारी ली जाएगी

- सरकारी सूत्रों के मुताबिक सर्वे की शुरुआत अगले वित्त वर्ष 2018-19 में शुरू की जाएगी