किसानों की लगी लॉटरी, अब इस फसल की मुंह मांगी कीमत देगी सरकार

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (8 जनवरी): लगता है 2019 में वाकई में देश के किसानों के अच्छे दिन आने वाले हैं। हर राजनैतिक पार्टियां इस बार किसानों को लुभाने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। लेकिन अब किसानों को किसी राजनैतिक पार्टी के अहसान ही जरूरत नहीं होगी, क्योंकि भारत जो कच्चा तेल ईरान से खरीद रहा है, उसे उसके बदले में पैसे नहीं बल्कि चावल चाहिए। अमेरिका द्वारा प्रतिबंध के बाद ईरान के सामने खाद्य संकट प्रमुख समस्या बना गया है और इसी से निजात पाने के लिए उसने भारत से कच्चे तेल के बदले बासमती चावल की डिमांड की है। यानी अब भारत को कच्चे तेल की कीमत रुपये की जगह चावल के रूप में अदा करनी होगी।

भारत कुल बासमती उत्पादन का 40 फीसदी चावल निर्यात करता है और इस निर्यात किए जाने वाले देशों में ईरान टॉप देशों में है। भारत ने वर्ष 2015-16 में ईरान को 3723 करोड़ रुपये का 6.95 लाख मिट्रिक टन बासमती निर्यात किया था जबकि वर्ष 2017-18 में यह निर्यात  8.77 लाख मिट्रिक टन (5829.78 करोड़ रुपये) का हुआ था। अब ईरान ज्यादा से ज्यादा बासमती चावल भारत से खरीदे, जिसके लिए किसानों को बेहतर दाम मिलने के अनुमान है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार ईरान को भारत करीब 10 हजार करोड़ रुपये का बासमती चावल बचे सकता है।

मई, 2018 में अमेरिका ने जब ईरान पर प्रतिबंध लगाया था, उस समय यह भी कहा था कि भारत समेत अन्य देश भी ईरान से तेल का आयात बंद कर दें। लेकिन बाद में दबाव पड़ने पर अमेरिका ने भारत समेत 7 देशों को इस प्रतिबंध से मुक्त कर दिया था। भारत जहां ईरान से कच्चा तेल खरीदता है, वहीं वह ईरान को अनाज, दवा, मशीन आदि निर्यात करता है। समझौते के तहत तेल भुगतान की राशि को भारतीय रिफाइनरी कंपनियां नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (एनआईओसी) के यूको बैंक खाते में रुपए के रूप में जमा करेंगी। हालांकि भारतीय रुपये ईरान या किसी भी देश के लिए किसी काम के नहीं हैं, इसलिए बाद में यह समझौता हुआ कि यूको बैंक में जमा इस रुपये से भारत से निर्यात होने वाले सामान का भुगतान किया जाएगा।

क्रूड ऑयल के आयात के मामले में भारत शीर्ष स्थान पर है। भारत अभी तक सऊदी अरब, इराक, नाइजीरिया, वेनेजुएला के साथ ईरान से कच्चा तेल खरीदता है। कुल आयात का 10-12 फीसदी कच्चा तेल भारत ईरान से ही खरीदता है। पिछले वर्ष भारत ने ईरान से क़रीब 7 अरब डॉलर के कच्चे तेल का आयात किया था। इसके अलावा भारत ईरान से बड़ी मात्रा में खेती के लिए फर्टिलाइजर (उर्वरक) भी आयात करता है। ईरान से कच्चे तेल का औसत आयात 5,60,000 बैरल प्रतिदिन का है, लेकिन अमेरिका के प्रतिबंध के बाद से आयात की यह मात्रा घट गई है। 2017 से जनवरी, 2018 के बीच ईरान से भारत ने 18.4 मिलियन टन कच्चा तेल खरीदा है।