अब फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस वालों को ऐसे पकड़ेगी मोदी सरकार

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (7 जनवरी): मोदी सरकार फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस वालों पर नजर रखे हुए हैं और ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का निर्णय किया है। मिली जानकारी के अनुसार, सरकार जल्द ही आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ना अनिवार्य करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम के दौरान यह बारे में बताया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम जल्द ही एक कानून लाने जा रहे हैं जो आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से जोड़ना अनिवार्य कर देगा। उन्होंने कहा कि "वर्तमान में, ऐसा क्या होता है कि दोषी व्यक्ति जो दुर्घटना का कारण बनता है, वह घटनास्थल से भाग जाता है और एक डुप्लिकेट लाइसेंस प्राप्त करता है। इससे उसे स्केच-मुक्त होने में मदद मिलती है। हालांकि, आधार लिंकेज से आप अपना नाम बदल सकते हैं, लेकिन आप अपना बायोमेट्रिक्स नहीं बदल सकते। न तो आईरिस और न ही उंगलियों के निशान। इसलिए जब आप डुप्लिकेट लाइसेंस के लिए जाते हैं, तो सिस्टम कहेगा कि इस व्यक्ति के पास पहले से ही ड्राइविंग लाइसेंस है और इसे नया नहीं दिया जाना चाहिए।''

रविशंकर प्रसाद ने कहा, "यह भारत का डिजिटल प्रोफाइल है। 123 करोड़ आधार कार्ड, 121 करोड़ मोबाइल फोन, 44.6 करोड़ स्मार्टफोन, 56 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता, ई-कॉमर्स में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत में 130 करोड़ की आबादी है।'' उन्होंने यह भी कहा कि देश में डिजिटल भुगतान लेन-देन 2017-18 में कई गुना बढ़कर 2,070 करोड़ रुपये हो गया है।

सरकार ने हाल ही में आधार कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव किया है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यदि किसी कंपनी द्वारा नियमों के उल्लंघन का सिलसिला जारी रहता है तो एक करोड़ रुपये के अतिरिक्त उन पर प्रतिदिन 10 लाख रुपये अतिरिक्त का जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है।