2018-19 का आम बजट 1 फरवरी को ही पेश करेगी मोदी सरकार!

नई दिल्ली(18 सितंबर): कारोबारी साल 2018-19 के लिए आम बजट पहली फरवरी 2018 को पेश किया जा सकता है। ये वित्त मंत्री अरुण जेटली का पांचवा आम बजट होगा। साथ ही 2019 के आम चुनाव के पहले का आखिरी पूर्ण बजट होगा।

- अगर ऐसा हुआ तो ये दूसरा साल होगा जब आम बजट पहली फरवरी को पेश होगा। साथ ही ये दूसरा मौका है जब रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाएगा।

-  पूरे देश को एक बाजार बनाने वाली कर व्यवस्था, वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी लागू होने के बाद का ये पहला आम बजट होगा। इसकी वजह से बजट के स्वरूप में कई तरह के बदलाव दिखेगे। सबसे पहले तो बजट में सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी को छोड़ बाकी अप्रत्यक्ष कर को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं होगा। क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद सामान और सेवाओं पर दरें तय करने की जिम्मेदारी जीएसटी काउंसिल को सौंप दी गयी है।

- पहले आम बजट में सबको इंतजार इस बात का होता था कि सामान या सेवाएं सस्ते होंगे या महंगे, क्योंकि बजट में केंद्रीय उत्पाद शुल्क यानी एक्साइज ड्यूटी और सेवा कर यानी सर्विस टैक्स में बदलाव का जिक्र होता था।

- सर्कुलर के मुताबिक, बजट पूर्व तैयारियों को लेकर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ बैठक 9 अक्टूबर से शुरु होगी। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों जैसे उद्योग संगठनों, किसान संगठनों, अर्थशास्त्रियों और ट्रेड यूनियन के साथ वित्त मंत्री बैठक करेंगे।

- इन सब के बाद वित्त मत्री आम बजट को अंतिम रुप देना शुरु करेगे।