इस वजह से आईआईटी एंट्रेंस आसान करवाना चाहती है केंद्र सरकार

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 जून): आईआईटी यानि कि इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी में दाखिले के लिए होनेवाले जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई-अडवांस) केंद्र की मोदी सरकार ने आनेवाले दिनों में थोड़ा आसान करने को लेकर विचार कर रही है। इसकी वजह इस बार के नतीजे हैं। दरअसल, इस साल करीब 1 हजार सीटें खाली रह गई थीं, जिन्हें भरने के लिए बाद में कटऑफ में गिरावट करनी पड़ी थी।आपको बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव आर सुब्रमण्यम ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'इस साल आए परिणामों को देखते हुए हम आईआईटी काउंसिल और सभी आईआईटी से कहेंगे कि वे जेईई-अडवांस के टेस्ट पेपर के डिजाइन पर फिर से चर्चा करें।उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि मौजूदा टेस्ट पेपर छात्रों की क्षमता के हिसाब से ठीक नहीं है। आनेवाले दिनों में आईआईटी काउंसिल से मीटिंग में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। उस मीटिंग में मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी होंगे। गौरतलब है कि पेपर के कठिन होने का मुद्दा पहली बार नहीं उठा है। छात्रों पर प्रेशर कम करने के लिए एनडीए सरकार ने सिंगल एग्जाम फॉर्मेट लागू करने का विचार दिया था। लेकिन दुर्भाग्य वस उसे लागू नहीं किया जा सका था। बहराल, सरकार अगर इस तरीके का कदम उठाती है तो यकीनन ये युवाओं के लिए एक तरीके से राहत भरी खबर है। जिसका फायदा आने वाले समय में उन्हें उठाने को मिल सकता है।