अब गंगा को किया 'गंदा' तो होगी जेल

प्रशांत गुप्ता, नई दिल्ली (6 जुलाई): जल्दी ही गंगा को गंदा करने वाले जेल जा सकते हैं। मोदी सरकार गंगा के गुनेहगारों के लिए कानून ला सकती है। कल से पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट 'नमामि गंगे' के पहले चरण की शुरुआत हो रही है।

जी हां, अब अगर किसी ने गंगा में गंदगी फैलाई, तो लगेगी हथकड़ी। गंगा के गुनेहगार होंगे सलाखों के पीछे। अब गंगा को गंदा करने वालों की खैर नहीं, गंगा में थूका तो जुर्माना लगेगा। गंगा में कचरा फेंका तो जाएंगे जेल। मोदी सरकार जल्दी ही गंगा में थूकने और कूड़ा फेंकने वालों को जेल भेजने का कानून ला सकती है। मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट क्लीन गंगा की शुरूआत से ही साफ हो गया। कि सरकार गंगा को गंदा करने वाले के खिलाफ बेहद सख्ती बरतने के मूढ़ में है।

प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट क्लीन गंगा का फस्ट फेज 7 जुलाई से शुरू हो रहा है। मोदी  सरकार गंगा की सफाई के लिए, नमामि गंगा योजना के तहत हरिद्वार से दो हजार करोड़ रुपए की 300 परियोजनाओं की शुरुआत करेगी। दो साल तक रिसर्च औऱ  तमाम रिसर्च और स्टडी के बाद अब गंगा को निर्मल करने की सौगंध का पहला चरण शुरू हो रहा है।

सरकार ने गंगा को निर्मल बनाने के लिए 1000 हजार से ज्यादा परियोजना बनाई हैं। उमा भारती और नितिन गडकरी गंगा बेसिन में आने वाले राज्यो में 300 से ज्यादा परियोजनाओं को लांच करने जा रहे हैं। गौमुख से लेकर गंगासागर तक इन परियोजनाओं की शुरूआत होगी।

खास बातें
- पूजा सामग्री विसर्जन के लिए जगह तय होंगी - गंगा किनारे के श्मशान घाटों को आधुनिक बनाया जाएगा - अस्थि विसर्जन के लिए जगह तय होंगी - गंगा बेसिन के बड़े शहरों में नए सीवेज ट्रीटमैंट प्लांट बनेंगे - गंगा में गिरने वाले नालों पर सीवेज ट्रीटमैंट प्लांट का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू होगा - गंगा में बहते कचरे को हटाने के लिए ट्रैश क्लीनर लागाए जाएगे  - गंगा किनारे साफ सुथरे घाट बनेंगे

बड़े शहरों के अलावा गंगा के किनारे बसे गांव में भी नमामि गंगे अभियान चलाया जाएगा। लोग इस अभियान से ज्यादा से ज्यादा जुड़ें, इसके लिए गांव गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाएगें। सरकार गंगा से लगे पांच राज्यो के अलावा दिल्ली और हरियाण में भी नमामि गंगे परियोजना की शुरुआत करेगी। क्योंकि गंगा को निर्मल करना है तो हरियाणा और दिल्ली ने आने वाली यमुना को साफ करना जरूरी है।