आम आदमी को मोदी सरकार ने दिया यह बड़ा झटका

नई दिल्ली (18 मार्च): केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने के दो दिन बाद अब आम आदमी को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंड फंड (पीपीएफ), किसान विकास पत्र और फिक्स डिपॉजिट के ब्याज दरों में बड़ी कटौती की है।   सरकार ने पीपीएफ तथा किसान विकास पत्र (केवीपी) समेत लघु बचत योजनाओं पर दी जाने वाली ब्याज दरें कम कर दी हैं। इसका मकसद इन बचत योजनाओं को बाजार दरों के समतुल्य लाना है। सरकार ने 16 फरवरी को छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर हर तिमाही में संशोधित करने का फैसला किया था। इसी के तहत कदम उठाते हुए लोक भविष्य निधि पीपीएफ पर ब्याज दर 8.7 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी गयी है। नई दर एक अप्रैल से 30 जून तक के लिये है।   वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार केवीपी पर ब्याज दर 8.7 प्रतिशत से घटाकर 7.8 प्रतिशत कर दी गयी है। डाक घर बचत पर ब्याज दर 4.0 प्रतिशत पर बरकरार है। वहीं एक से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दरें घटायी गयी हैं। लोकप्रिय पांच वर्षीय राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्रों पर ब्याज दर एक अप्रैल से 8.1 प्रतिशत होगी जो फिलहाल 8.5 प्रतिशत है। पांच वर्षीय मासिक आय खाता पर ब्याज अब 7.8 प्रतिशत मिलेगा जो फिलहाल 8.4 प्रतिशत है।   बालिकों के लिये शुरू की गयी सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज दर अब 8.6 प्रतिशत होगी जो फिलहाल 9.2 प्रतिशत है। पांच साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज 8.6 प्रतिशत मिलेगा जो फिलहाल 9.3 प्रतिशत है।