मोदी सरकार के इस कदम से देश के करोड़ों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

ESI Contribution

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 जून): मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में करोड़ों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) कंट्रीब्यूशन को 6.5% से घटाकर 4% कर दिया है। इसमें एम्प्लॉयर्स का योगदान 4.75 फीसदी से घटाकर 3.25 कर दिया गया है।  वहीं कर्मचारियों के योगदान को 1.75 फीसदी से घटाकर 0.75 फीसदी कर दिया है।  मोदी सरकार के इस फैसले से 3.6 करोड़ कर्मचारियों और 12.85 लाख एम्प्लॉयर्स को फायदा होगा। ये सभी दरें 1 जुलाई 2019 से लागू होंगी।योगदान में कमी आने से ईएसआई योजना के अंतर्गत आने वाले सभी कर्मचारियों और एम्प्लॉयर्स को फायदा होगा। ईएसआई में योगदान में कमी से कर्मचारियों को राहत मिलेगा। ईएसआई स्कीम के तहत ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों का एनरोलमेंट हो सकेगा। वहीं एम्प्लॉयर्स के योगदान में कटौती से कंपनियों पर वित्तीय बोझ कम पड़ेगा। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी बढ़ाया जा सकेगा।यह भी उम्मीद की जाती है कि ईएसआई योगदान की दर में कमी से कानून का बेहतर अनुपालन होगा।ईएसआई अधिनियम के तहत, कर्मचारी और एम्प्लॉयर्स दोनों को योगदान देना होता है। श्रम और रोजगार मंत्रालय के जरिए से भारत सरकार के ईएसआई अधिनियम के तहत योगदान की दर तय करती है। वर्तमान में, योगदान की दर 6.5 फीसदी पर फिक्सड है। इसमें एम्प्लॉयर्स की हिस्सेदारी 4.75 फीसदी और कर्मचारी की हिस्सेदारी 1.75 फीसदी है। यह दर 1 जनवरी 1997 से प्रचलन में है। कर्मचारी बीमा एक्ट 1948 के तहत कर्मचारियों को मेडिकल, कैश, मैटरनिटी, विकलांगता जैसे स्थिति में सुरक्षा मिलती है। कर्मचारी राज्य बीमा ईएसआईसी द्वारा संचालित किया जाता है।

भारत सरकार ने अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार के लिए दिसंबर 2016 से जून 2017 तक एम्प्लॉयर्स और कर्मचारियों के विशेष पंजीकरण का एक कार्यक्रम शुरू किया और योजना का कवरेज सभी जिलों में विस्तारित करने का भी निर्णय लिया। वहीं सरकार ने 1 जनवरी 2017 को ईएसआईसी के लिये मासिक वेतन 15,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये कर दी थी।

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