Blog single photo

किसानों के लिए मोदी सरकार बना रही है 70 हजार करोड़ का मास्टर प्लान

ख़बरों के मुताबिक मोदी सरकार किसानों का वित्तीय बोझ कम करने के लिए सब्सिडी की जगह डायरेक्ट कैश ट्रांसफर पर विचार कर ही है। इस मामले से जुड़े कुछ लोगों के हवाले से न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने यह खबर दी है। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार उर्वरक खर्च सहित सभी कृषि सब्सिडी को मिलाने पर विचार कर ही है।

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जनवरी):  ख़बरों के मुताबिक मोदी सरकार किसानों का वित्तीय बोझ कम करने के लिए सब्सिडी की जगह डायरेक्ट कैश ट्रांसफर पर विचार कर ही है। इस मामले से जुड़े कुछ लोगों के हवाले से न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने यह खबर दी है। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार उर्वरक खर्च सहित सभी कृषि सब्सिडी को मिलाने पर विचार कर ही है। योजना को पूरी तरह लागू करने के बाद 70 हजार करोड़ रुपये सालाना अतिरिक्त खर्च हो सकता है। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष में अरुण जेटली ने 70,100 करोड़ रुपये कृषि सब्सिडी की घोषणा की थी।

उत्तर भारत के तीन अहम राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार में किसानों की नाराजगी को भी वजह बताया जा रहा है। सरकार लोकसभा चुनाव से पहले किसानों की नाराजगी को दूर करके अपने पाले में लाना चाहती है। हालांकि, वित्तीय घाटे के लक्ष्य को पार कर जाने की वजह से इस साल सरकार के पास खर्च के लिए अधिक रकम नहीं है। निवेशक यह जानने को उत्सुक हैं कि अतिरिक्त फंड कहां से आएगा। हालांकि, स्मॉल सेविंग्स पूल के जरिए सरकार कुछ हिस्सा जुटा सकती है। अंतरिम डिविडेंड के रूप में सरकार को रिजर्व बैंक से भी अतिरिक्त फंड मिलने की उम्मीद है।

खबर के मुताबिक किसानों को इनकम सपोर्ट के रूप में हर साल प्रति हेक्टेयर 15000 रुपये देने पर विचार चल रहा है। मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि नीति आयोग ने डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के जरिए अपफ्रंट सब्सिडी का सुझाव दिया है। आयोग ने सुझाव दिया है कि उर्वरक, बिजली, फसल बीमा, सिंचाई और ब्याज में रियायत सहित खेती-बाड़ी से जुड़ी हर तरह की सब्सिडी की जगह इनकम ट्रांसफर की व्यवस्था अपनाई जाए।

NEXT STORY
Top