अब होटल में खाने की बर्बादी रोकने के लिए मोदी सरकार लेने जा रही है ये फैसला

नई दिल्ली ( 12 अप्रैल): होटल और रेस्टोरेंट्स में खाने की बर्बादी आम बात है जहां लोग खाने की अधिक मात्रा लेकर फिर उसे वैसे ही थाली में छोड़ देते हैं। लेकिन अब आगे से ऐसा नहीं हो पाएगा। होटलों में खाने की बर्बादी रोकने पर मोदी सरकार काफी गंभीरता के साथ विचार कर रही है।


दरअसल पीएम मोदी ने मन की बात में खाने की बर्बादी पर चिंता जाहिर की थी। जिसके बाद सरकार स्टार होटलों और रेस्टोरेंट में परोसे जानेवाले खाने की मात्रा निर्धारित करने पर विचार कर रही हैं। खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि अगर कोई दो चपाती खा सकता है तो उसे 6 चपाती क्यों दी जाती है। इससे खाने की बर्बादी है और पैसे की भी बर्बादी हो रही है, क्योंकि जिस खाने को वह खाया ही नहीं उसके लिए उसने पैसे चुकाए।


मंत्रालय की तरफ से एक प्रश्नावली तैयार की जा रही है ताकि होटल और रेस्टोरेंट्स से इस बारे में पूछा जा सके कि एक कस्टमर के खाने की मात्रा क्या होनी चाहिए। हालांकि, पासवान ने यह साफ किया कि उनके मंत्रालय का यह निर्देश सिर्फ स्टैंडर्ड होटलों पर ही लागू होगा ना कि ढाबे या फिर अन्य जगहों पर।


पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में खाने की बर्बादी पर चिंता जाहिर करते हुए इसे गरीबों के खिलाफ अन्याय करार दिया था।