डीजल कैब बैन पर हरकत में मोदी सरकार, सुप्रीम कोर्ट में की अपील

नई दिल्ली (5 मई): दिल्ली-एनसीआर में डीजल टैक्सियों की बैन को लेकर केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। डीजल गाड़ियों पर लगी पावंदी से बीपीओ इंडस्ट्री की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस बैन से बीपीओ कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है। जिससे सरकारी खजाने पर भी असर पड़ रहा है। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में एक मई 2016 से डीजल टैक्सियों के चलने पर रोक लगा दी है। 

डीजल टैक्सी बैन करने का BPO सेक्टर जमकर विरोध कर रहा है। नासकॉम के मुताबिक अगर ये बैन जारी रहा तो फिर छह महीने में ही एक बिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। यही नहीं इस फैसले का करीब दस लाख BPO कर्मचारियों पर असर होगा।