आया ऊंट पहाड़ के नीचेः नाकारा IPS और IAS पर मोदी का चाबुक, 2 बर्खास्त

नई दिल्ली (18 जनवरी): मोदी सरकार ने एक बड़े फैसले में दो आईपीएस अधिकारियों को खराब प्रदर्शन और अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया। बताया जाता है कि दो आईएएस अधिकारियों को भी बर्खास्त करने की संस्तुति पीएमओ ने की है, लेकिन अभी उनके बारे में अधिसूचना जारी नहीं की गयी है। लगभग 15 साल भारत सरकार ने ऐसी कार्रवाई की है।

संघीय सरकार द्वारा बर्खास्त अफसरों के नाम राजकुमार देवांगन और मयंक शील चौहान हैं। राजकुमार 1992 बैच के छत्तीसगढ़ काडर के आईपीएस हैं और मयंक 1998 के यूनियन टेरिटॉरीज काडर के आईपीएस हैं। दोनों अधिकारियों को तीन महीने का वेतन देकर जबरन सेवा से हटा दिया गया है। आईपीएस मयंक उस दौरान चर्चा में आए थे जब असम में तैनाती के समय वह अचानक गायब हो गए थे। इस मामले में काफी विवाद हुआ था। पहले उनकी अपहरण की खबर आई लेकिन बाद में जानकारी मिली थी कि वह खुद गायब हुए थे और दिल्ली में छिपे थे। इसके अलावा भी कई दूसरे विवादों में उनका नाम आया था। उनकी पत्नी भी गलत प्रमाण पत्र के साथ एक एयरलाइंस में नौकरी करने के आरोप में फंसी थी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय ने दो अन्य अफसरों की बर्खास्तगी का भी आदेश दिया है। हालांकि इन दो अधिकारियों की बर्खास्तगी के संबंध में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

सूत्रों ने बताया कि यह बड़ी कार्रवाई पीएम मोदी के सख्त निर्देश के बाद की गई है जिसमें उन्होंने सभी मंत्रालयों से कहा है कि जो अधिकारी सरकारी सेवा के नियमों का लाभ उठाकर काम से भाग रहे हें या सिस्टम पर बोझ बने हुए हैं उन्हें तत्काल बाहर करें। अगले कुछ दिनों में इस तरह की कई कार्रवाई होने की संभावना है।