NSG: चीनी 'अड़ंगे' के जवाब में मोदी ने किया पुतिन को फोन

नई दिल्ली(13 जून): एनएसजी ग्रुप में भारत की सदस्यता को लेकर चीन के रुख को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमिर पुतिन से फोन पर बात की। मोदी ने पुतिन से शनिवार को र बात की। 

बता दें कि रूस ने न्यूक्लियर डील को लेकर यूएन सिक्युरिटी काउंसिल में भारत के रुख का सपोर्ट किया है। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान के मुताबिक फोन कॉल मोदी ने किया। इस दौरान दोनों लीडर्स ने बाइलैट्रल रिलेशंस को लगातार मजबूत बनाने पर जोर दिया।

मोदी और पुतिन ने जल्द मुलाकात की पॉसिबिलिटी पर भी बात की। बातचीत दोनों देशों के बीच प्रैक्टिकल इश्यूज और को-ऑपरेशन पर फोकस रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 जून को सिओल में होने वाली एनएसजी कंट्री की प्लेनरी मीटिंग से पहले मोदी वर्ल्ड के कुछ बड़े लीडर्स से मिल सकते हैं। इनमें चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग भी शामिल हैं। 

बता दें कि चीन ने एनएसजी ग्रुप में भारत के एंट्री के मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन होंग लेई ने रविवार को दावा किया है कि वियना मीटिंग (9 जून) में भारत की मेंबरशिप पर कोई चर्चा नहीं हुई थी। लेई ने कहा कि एनएसजी के मेंबर्स गैर-एनपीटी देशों को इस ग्रुप में एंट्री देने के मामले में बंटे हुए हैं। इस पर अब सियोल में 24 जून को होने वाली मीटिंग में चर्चा होगी। 

लेई के मुताबिक एनएसजी के प्रेसिडेंट और अर्जेंटीना के एंबेसडर रफाल मारिआनो ग्रोसी ने वियना में मीटिंग बुलाई थी। उसका कोई एजेंडा नहीं था। बैठक में सभी मेंबर देशों के विचार सुने गए, उनकी रिपोर्ट 24 जून को सियोल बैठक में पेश की जाएगी। चीन उस बैठक में भारत की मेंबरशिप पर अपने विचार डिटेल में रखेगा। 

लेई ने कहा कि चीन का मानना है कि जिन देशों ने एनपीटी पर साइन नहीं किए हैं, उन्हें एनएसजी का मेंबर नहीं बनाया जाए। ऐसे देश अप्रसार के मामले में गंभीर नहीं हो सकते। चीन की यह पॉलिसी किसी एक देश के बारे में नहीं है। लेई ने कहा कि चीन के रुख का सपोर्ट एनएसजी के कई मेंबर कंट्री कर रहे हैं।  इनमें न्यूजीलैंड, आयरलैंड, तुर्की, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

एनएसजी ग्रुप के मेंबर देशों में से एक भी अगर विरोध करता है तो मेंबरशिप नहीं मिलती है।