मोदी मंत्रीमंडल में फेरबदल की तैयारी पूरी

संजीव त्रिवेदी, नई दिल्ली (29 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट बदलने वाली है। मोदी मंत्रीमंडल में फेरबदल की पूरी तैयारी हो चुकी है। नवंबर 2014 के बाद मंत्रीमंडल में ये दूसरा फेरबदल होगा। न्यूज़ 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री की 5 जुलाई से होने वाली विदेश यात्रा से पहले इसे अंजाम दे दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री और बीजेपी प्रमुख अमित शाह के बीच फेरबदल को लेकर कई मुलाकातों के बाद अगले तीन साल के लिए प्रधानमंत्री की टीम तैयार कर ली गई है। इसका औपचारिक एलान अगले 3-4 दिनों में कर दिया जाएगा।

आज मोदी मंत्रीमंडल के मंत्री अपनी मौजूदा जिम्मेंवारियों के साथ शायद आखिरी बार प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट की बैठक के लिए मिले। शायद अगली बार जब वे मिले तो उनमें से कई मंत्रियों के विभाग बदले हुए मिल सकते हैं और कुछ तो शायद कैबिनेट की बैठक में हिस्सा ही नहीं ले पाएं। बुधवार को ही संसद के मानसून सत्र की तारीखें भी घोषित कर दी गईं और इस वक्त फेरबदल का एक खास मतलब ये भी है कि सरकार संसद के मानसून सत्र से पहले अपनी नई टीम को मंत्रीमंडल से जुड़े विषयों को समझने का पूरा मौका देना चाहती है।

बुधवार शाम प्रधानमंत्री की अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ मुलाकात हुई और बताया जा रहा है कि फेरबदल का फाइनल खाका खींच दिया गया है। राजधानी दिल्ली के सत्ता के गलियारों में अब चर्चाएं इस बात को लेकर हैं मंत्रीमंडल में किसका कद बढ़ेगा किसका घटेगा और किसकी छुट्टी कर दी जाएगी। अटकलों और कयासों के बीच न्यूज़24 को सूत्रों के हवाले से जो खबरें मिल रही हैं। उसके अनुसार, इस बार के फेरबदल में विधान सभा चुनाव की तरफ बढ़ रहे यूपी उत्तराखंड पंजाब और हिमाचल से जुड़े जातिगत गुना-गणित का खास ख्याल रखा जाएगा।

सर्वानंद सोनोवाल और विजय सांपला जैसे मंत्रियों को नई जिम्मेदारियां मिल जाने से बन गई रिक्तियों को भरा जाएगा। कुछ युवा मंत्रियों की पद्दोन्नती होगी और कुछ मंत्री सरकार से बीजेपी में संगठन का काम देखने भेजे जाएंगे। जो जानकारियों छनकर न्यूज24 के पास पहुंच रही है उनके अनुसार टॉप 4 यानी के राजनाथ, सुषमा मनोहर पर्रिकर और अरुण जेटली की जिम्मेदारियों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

राजस्थान से राज्यमंत्री निहाल चंद को ड्राप किया जा सकता है जबकी पंजाब से नवजोत सिंह सिद्धू सरकार में जगह पा सकते हैं। यूपी के गोरखपुर सांसद योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर सांसद राघव लखनपाल के अलावा कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह को मंत्रीमंडल में जगह मिल सकती है। नए चेहरों में यूपी अनुप्रिया पटेल, असम से रमन डेका और मध्य प्रदेश से राकेश सिंह और राजस्थान से कर्नल सोनाराम जाट को  मंत्रीमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है। 

पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और निर्मला सीतारमन जैसे तीनो स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है। बीजेपी में RSS की नुमाईंदगी कर रहे विनय सहस्त्रबुद्धे को मंत्री पद से नवाजा जा सकता है। खीरेन रिजिजू संजीव बाल्यान, राज्यवर्धन राठौर और मुख्तार अब्बास नकवी जैसे राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है।

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी, अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला, पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर के अलावा कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के मंत्रालय बदले जा सकते हैं। फिलहाल मोदी मंत्रीमंडल में 64 मंत्री हैं और इस लिहाज से 17 और जोड़े जा सकते हैं। गुरुवार को राष्ट्रपति भवन के अशोक हाल में मौजूदा मंत्रीमंडल की एक अहम बैठक होने जा रही है। जिसमें मंत्रियों को अपना स्वतः मूल्यांकन रिपोर्ट पेश करने को कहा जाएगा। फिर 3-4 दिनो के भीतर इसी अशोक हाल में मोदी मंत्रीमंडल एक नए रंगरूप और आकार में सामने आएगा।