ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाले राठौर बने खेल मंत्री

नई दिल्ली(3 सितंबर): मोदी कैबिनेट का रविवार को विस्तार हुआ है। राज्यवर्धन राठौर को खेल मंत्री बनाया गया है। वह विजय गोयल की जगह लेंगे। राठौर इससे पहले केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री का पदभार संभाल रहे थे। राज्यवर्धन सिंह राठौर सक्षम मंत्री माने जाते हैं। इसी के मद्देनजर उनको महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। 

आइए एक नजर डालते हैं उनके निजी और राजनीतिक जीवन पर...

- ओलंपिक खेलों में देश के लिए पहला व्‍यक्तिगत रजत पदक लाने वाले कर्नल राज्‍यवर्द्धन सिंह राठौर राजस्‍थान की जयपुर ग्रामीण सीट से सांसद हैं। 

- 29 जनवरी 1970 को जन्‍म लेने वाले राज्‍यवर्द्धन राठौर के पिता भी आर्मी में एक अफसर रहे हैं। ऐसे में बचपन से ही उन्‍होंने भी सैनिक बनने का सपना देखा था और उसे पूरा भी किया। 

- नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) और इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पासआउट हैं। इंडियन आर्मी में बतौर आफिसर कमीशंड होने के बाद राज्‍यवर्द्धन ने शूटिंग के अलावा दूसरे खेलों में भी अपना शौक जारी रखा।

-  राठौर ने लगातार पांच वर्ष तक शूटिंग पर अपने हाथ आजमाए और अपनी एकेडमी में वह सर्वश्रेष्‍ठ शूटर बनकर सामने आएं। इसी प्रैक्टिस का नतीजा था कि वर्ष 2002 में राठौर ने मैनचेस्‍टर कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में हिस्‍सा लिया। 

- यहां पर उन्‍होंने स्‍वर्ण पदक जीता और इसके बाद वर्ष 2004 में राठौर ने एथेंस ओलंपिक में डबल ट्रैप शूटिंग में रजत पदक हासिल किया। इंडियन आर्मी के बहादुर अफसर के साथ ही साथ एक पति और पिता भी हैं। 

- राज्‍यवर्द्धन की पत्‍नी गायत्री से उनकी पहली मुलाकात एनडीए में ही हुई थी। मुलाकात प्‍यार में बदली और अब राठौर दो बच्‍चों मानवादित्‍या और बेटी गौरी के पिता हैं।

-  राजनीतिक जीवन:  10 सितंबर 2013 को राठौर बीजेपी में शामिल हुए और इसके पहले वह रेवाड़ी में नरेंद्र मोदी की एक रैली का हिस्‍सा बने थे। राठौर ने राजनीति में आने के लिए सितंबर 2013 में ही सेना से वॉलेंटरी रिटायरमेंट ले लिया और बतौर कर्नल वह अपने पद से रिटायर हुए।