केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पिछड़ा वर्ग आयोग को मिलेगा संवैधानिक दर्जा

नई दिल्ली ( 23 मार्च ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की गुरुवार को बैठक हुई। इस बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने बड़े फैसले के तहत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नए आयोग बनाने का निर्णय लिया है। इसकी जगह नया आयोग बनाया जाएगा। 


केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सामाजिक और शैक्षिक रुप से पिछडे़ वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग (NSEBC) के गठन को मंजूरी दी है।


यह नया आयोग ओबीसी में नई जातियों को जोड़ने के काम करेगा। अब ओबीसी में नई जातियों को शामिल करने के लिए संसद की इजाजत लेनी होगी।


इसे संवैधानिक मंजूरी दी जाएगी और इसमें नई जातियों को शामिल करने के लिए सरकार को संविधान में संशोधन करना होगा। मौजूदा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग वैधानिक संस्था है। जिसके तहत अबतक सरकार के स्तर पर ही ऐसे फैसले होते रहे हैं। लेकिन इसका कार्यकाल खत्म हो रहा है।


नए आयोग का नाए सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ा वर्ग राष्ट्रीय आयोग (NSEBC) होगा। माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला जाट आरक्षण की मांग को लेकर किया है क्योंकि जाट समुदाय लगातार आरक्षण को लेकर अपना आंदोलन तेज कर रहा था।


सरकार इस नए आयोग को बनाकर उसे संवैधानिक दर्जा देगी। जबकि पिछले कानून को संसद से कानून पारित करके बनाया गया था। मौजूदा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग वैधानिक संस्था है। जिसके तहत अबतक सरकार के स्तर पर ही ऐसे फैसले होते रहे हैं।