महिला सुरक्षाः 'हथियार' की तरह काम करेगा मोबाइल फोन

नई दिल्ली (26 अप्रैल): महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने मोबाइल हैंडसेट में पेनिक बटन एवं जीपीएस अनिवार्य करने का फैसला लिया है। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस बारे में मोबाइल फोन हैंडसेट रुल्स 2016 की अधिसूचना जारी कर दी गई है।संचार मंत्रालय के अनुसार एक जनवरी 2017 से सभी मोबाइल हैंडसेट में पेनिक बटन अनिवार्य होगा। बगैर पेनिक बटन वाले मोबाइल हैंडसेट का निर्माण और बिक्री एक जनवरी के बाद से देश में प्रतिबंधित होगी।

मोबाईल फोन के हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों को अपने सभी हैंडसेट में यह प्रावधान करने होंगे। इसी प्रकार एक जनवरी 2018 के बाद सभी हैंडसेट में ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम (जीपीएस) भी अनिवार्य कर दिया गया है। संचार मंत्रालय के अनुसार इन उपायों से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। आपात स्थिति में वे पेनिक बटन दबाकर पुलिस या अपने करीबी की मदद ले सकेंगी।

मोबाइल में एक पेनिक बटन जो कोई अंक भी हो सकता है, को दबाने से कम से कम तीन नंबरों पर तुरंत संकट में होने संबंधी संदेश चला जाएगा। इसमें पुलिस या अपने करीबियों का नंबर डाला जा सकता है। यदि फोन में जीपीएस है तो पुलिस आसानी से संबंधित महिला तक पहुंच सकती है। हाल में केंद्रीय महिला एत्तं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने भी फोन में पेनिक बटन अनिवार्य किए जाने की मांग की है। महिलाओं के साथ-साथ बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी ऐसे फोन उपयोगी हो सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि ये प्रावधान सभी किस्म के फोन के लिए लागू होंगे। चाहे वह स्मार्ट फोन हों या फीचर फोन।