राज ठाकरे ने पहली बार दिया हिंदी में भाषण, बोले- 'हिंदी अच्छी है, लेकिन इसका राष्ट्रीय भाषा होना ठीक नहीं'

संकेत पाठक, मुंबई (2 दिसंबर): महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे शनिवार को उत्तर भारतीय महापंचायत में पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है। हिंदी बाकी भाषाओं की तरह सिर्फ भाषा है, लेकिन इसका राष्ट्रभाषा होना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभाषा को लेकर कभी कोई निर्णय नहीं लिया गया। हिंदी की तरह ही मराठी, गुजराती, तमिल आदि भी इसी देश की भाषाएं ही हैं।  

उन्होंने रोजगार को लेकर कहा कि यदि महाराष्ट्र में रोजगार के मौके हैं तो क्या यह गलत है कि महाराष्ट्र के युवाओं को प्राथमिकता दी जाए? उन्होंने कहा कि यदि कल को उत्तर प्रदेश में कोई उद्योग स्थापित होता है तो वहां के युवाओं को रोजगार के लिए प्राथमिकता मिलनी चाहिए, यही बिहार में भी होना चाहिए, इसमें गलत क्या है? बहुत सारे उत्तरप्रदेश और बिहार के लोग महाराष्ट्र आते हैं।
ठाकरे ने कहा कि देश को अपने संविधान और कानून के बारे में समझना चाहिए। अगर आप एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं तो पहले पुलिस थाने में जाकर जॉब के लिए सर्टिफिकेट लेना होता है। उन्होंने कहा कि मैं यहां पर यह साफ करने आया हूं कि अगर महाराष्ट्र में नौकरियां है तो उस पर पहला हक मराठियों का है। ठीक उसी तरह जैसे यूपी-बिहार में नौकरी होती तो पहला हक वहां के रहने वाले लोगों का होता।
मराठी न बोलने पर होने वाले विवाद पर राज ठाकरे ने कहा कि पहले आप जहां जाते हैं तो आपको वहां की भाषा सीखनी चाहिए। क्या आप विदेश में जाकर हिंदी में बात करते हैं। असम में बिहार के रहने वाले एक शख्स की हत्या की गई। वहां आंदोलन हुआ। गुजरात से यूपी-बिहार के लोगों को भगाया गया, लेकिन मीडिया को यह नहीं दिखाई दिया।
यूपी-बिहार के लोगों मिलने वाले कम तनख्वाह के सवाल पर ठाकरे ने कहा कि यह समस्या मराठियों के साथ भी है। कई लोग गैर-कानूनी तरीके से अपना व्यवसाय करते हैं। आपको यह खुद समझना पड़ेगा।