सांसदों के मुकाबले बहुत कम दिन काम करते हैं विधायक: सर्वे

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 14 नवंबर ): आपके विधायक सांसदों से बहुत कम करते हैं। सांसद, विधायकों को सैलरी और भत्ता मोटा मिलता है। हाल ही में आए एक सर्वे के मुताबिक जितना काम सालभर में संसद के सदस्य करते हैं, उसके मुकाबले राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य काफी कम काम करते हैं। छोटे राज्यों की विधानसभाओं में स्थिति और भी खराब है।

पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च ने 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के 2011 से 2016 तक के काम का विश्लेषण किया। इस विश्लेषण में सामने आया कि ये विधानसभाओं में औसत तौर पर साल भर में सिर्फ 28 दिन ही काम हुआ है। यह आंकड़ा प्रतिनिधियों द्वारा जनता के काम के मुद्दों पर ध्यान न देने का एक उदाहरण है।
 
जिन दिनों सदन में सबसे ज्यादा काम हुआ, वह आम तौर पर बजट सत्र हैं। बजट सत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें वार्षिक बजट को पटल पर रखा जाता है, उस पर चर्चा होती है और सभी मंत्रालय अपने लिए बजट की मांग करते हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के 6 साल के आंकड़े से पता चला है कि 26 में से 13 विधानसभाओं में साल भर में 28 दिन या उससे ज्यादा काम हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा केरल में 46 दिन, कर्नाटक में 46 दिन, महाराष्ट्र में 45 दिन और ओडिशा में 42 दिन काम हुआ।

राजस्थान, झारखंड, यूपी, पश्चिम बंगाल और हरियाणा उन 13 राज्यों में से एक हैं, जहां साल भर में 28 दिन से भी कम काम हुआ है। इस लिस्ट में नगालैंड, दिल्ली और सिक्किम सबसे नीचे हैं।

तुलनात्मक तौर पर देखें तो राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों ने 2011 से 2016 तक ज्यादा दिनों तक कम किया। लोकसभा के सदस्यों ने औसत तौर पर साल भर में 70 दिन काम किया और राज्यसभा के सदस्यों ने 69 दिन काम किया। संसद में बजट सत्र के दौरान ही सदस्यों ने सबसे ज्यादा दिनों तक काम किया। अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब, त्रिपुरा और पुड्डुचेरी की विधानसभाओं को पर्याप्त डेटा न होने की वजह से इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।