पीएम मोदी को 12 साल की मासूम का पत्र, पढ़कर रो देंगे आप

नई दिल्ली (8 अगस्त): "मोदी अंकल, मुझे मेरे पापा लौटा दो! आप तो बहुत बड़े आदमी हैं। आप चाहेंगे तो कहीं से भी मेरे पापा को ढूंढकर ला देंगे..." ये फरियाद है 12 साल की मासूम आद्या के। आद्या दिल्ली के उत्तम नगर में अपनी मां के साथ रहती है। वह केंद्रीय विद्यालय जनकपुरी में सातवीं क्लास में पढ़ती है।आद्या ने पीएम नरेंद्र मोदी को मार्मिक चिट्ठी लिखकर यह फरियाद की है। आद्या के पिता भारतीय वायुसेना में फ्लाइट इंजीनियर थे। जो16 नवंबर, 2004 को पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे।

आद्या ने कभी अपने पिता संजय कुमार झा को कभी नहीं देखा। उस वक्त तो वह मां के पेट में ही थी। आद्या अपने जैसे दूसरे बच्चों को जब उनके पापा के साथ देखती है तो मां-दादी से पूछ बैठती है-मेरे पापा कहां हैं? वे कब आएंगे? बोलो ना...! मां-दादी के पास कभी जवाब नहीं होता।वे दिलासा देते हुए हर बार यही कहते हैं कि तुम्हारे पापा जल्दी लौट आएंगे।

आद्या ने प्रधानमंत्री को कई बार टीवी पर देखा है। स्कूल के शिक्षकों व दोस्तों से भी उनके बारे में सुना है, इसलिए बड़ी उम्मीद के साथ उन्हें ही पत्र लिख डाला। पत्र में उसने आगे लिखा है- "मोदी अंकल, पता नहीं क्यों, मेरी मां सिंदूर लगाते वक्त रोने लगती हैं। दादी कभी हंसती नहीं। दादाजी खोये-खोये रहते हैं। किसी से ज्यादा बात नहीं करते। नानाजी और चाचू पापा का पता लगाने के लिए हमेशा किसी न किसी को पत्र लिखते रहते हैं, इसलिए अब मैं भी आपको पत्र लिख रही हूं।

पता है अंकल, जब रानी के पापा उसे प्यार करते हैं तो मेरा भी मन करता है कि मेरे पापा भी मुझे आकर प्यार करें। मैं यह पत्र अपने चाचू को दूंगी। वो आपको भेज देंगे। प्लीज, मेरे पापा को ढूंढकर जरूर से भेज देना।" आद्या की चिट्ठी इन्ही लफ्जों के साथ खत्म हो जाती है। लेकिन उसका छिपा दर्द झा परिवार की त्रासदी बयां करता रहता है। 

क्या है मामला

- आद्या के पिता संजय कुमार झा 1997 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे। - जुलाई, 2004 में फ्लाइट इंजीनियर के रूप में 125, हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन, पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन में उनकी पोस्टिंग हुई थी।  - 16 नवंबर, 2004 को वे अपने कार्यस्थल से इस तरह लापता हुए कि आज तक उनका पता नहीं चल पाया है।  - वायुसेना की ओर से इस मामले की पहली दो कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में संजय को भगोड़ा घोषित कर दिया गया। - झा परिवार ने इसके खिलाफ 2008 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया।

- मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने तीसरी कोर्ट आफ इंक्वायरी का आदेश दिया।

- जिसमें पिछली दो कोर्ट आफ इंक्वायरी के आदेश को निरस्त करते हुए संजय को लापता माना गया।