105 दिनों से लापता पर‍िवार की लाशें नहर में मिली

चंडीगढ़ (28 अप्रैल): जनवरी में चंडीगढ़ से लापता हुए 4 लोगों की गुमशुदगी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। करीब 4 महीने बाद उन चार लोगों का पता तो चल गया है, लेकिन इस खबर के आने के बाद उनके परिवारवालों की दुनिया लुट गई। क्योंकि लापता चारों लोगों की लाश लुधियाना पास लोहा पुल के नीचे बीचो-बीच पानी में फंसी मिली। बताया जा रहा है कि उनकी अपनी गाड़ी से चारों की डेड बॉडी मिली है।

पवन शर्मा, जयंत रिषी, प्रभजोत सिंह और राम नाम के ये चारों लोग 14 जनवरी 2016 से गायब थे। सौ दिन से ज़्यादा गुज़र चुके थे मगर पुलिस को इनका सुराग तक नहीं लग रहा था। पंजाब पुलिस और घरवाले भी तलाश में जुटे थे। घरवालों ने इनकी जानकारी देने पर एक लाख रुपए का इनाम भी रखा था, मगर सुराग नहीं मिल रहा था। 105 दिन बाद इन चारों लोगों की लाशें 65 फुट नीचे मिली कार में मिली। जानकारी के मुताबिक नहर पर बने पुल पर मरम्मत का काम चल रहा है और इसी मरम्मत के दौरान एक तार नहर में गिर गया।

नहर 65 फुट गहरी बताई जा रही है। तार निकालने के लिए जैसे ही क्रैन की मदद ली गई, तो तार के साथ कार भी फंस कर ऊपर आ गई। लुधियाना के करीब लोहा पुल के नीचे बीचो-बीच पानी में फंसी थी ये कार। इस कार में से ही चारों की डेड बॉडी भी मिली। हालांकि लाश से चारों गुमशुदा लोगों की पुष्टि हो चुकी है। मगर फिर भी पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। मृतकों की पहचान सेक्टर 27 के रहने वाले पवन शर्मा, उनके भांजे जयंत ऋषि, सेक्टर-42 के रहने वाले प्रभजोत सिंह और सेक्टर-23 के रहने वाले राम के रूप में हुई है। लापता हुए पवन के भाई रमन के मुताबिक उनका भाई सेक्टर-27 अपने घर से कपड़ों का बजनेस करता है। उसके पास दो सेल्समैन रामपाल और प्रमोद कमीशन पर करते थे।

14 जनवरी 2016 को लुधियाना से पुलिस उनके घर आई, वहां से कमीशन पर काम करने वाले दोनों युवकों को साथ ले गई। इसलिए भाई अपने तीन साथियों को पैरवी करने के लिए बाद में गाड़ी से लुधियाना चले गए। रात को खाना खाने के बाद ये चंडीगढ़ के लिए निकले। रात करीब 12 बजे पवन की पत्नी ने फोन कर वापसी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वो घर लौट रहे हैं। रात करीब 3 बजे जब उन्हें फोन किया गया तो उन सभी के फोन नंबर स्विच ऑफ आ रहे थे। सुबह होने के बाद जब घरवालों ने तलाश करने की कोशिश की तो उनका कुछ भी पता नहीं चला। इसकी शिकायत घरवालों ने सेक्टर-26 थाना पुलिस को दी। थाना पुलिस ने मामला लुधियाना से जुड़ा होने की वजह से केस लुधियाना पुलिस को सौंप दिया।

105 दिन तक पुलिस तलाश ही करती रह गई। परेशान हाल परिवार को जब पुलिस कोई सुराद नहीं जुटा पाई तो सार्वजनिक तौर पर दो लाख के इनाम की घोषणा की गई। मगर खबर तब नहीं मिली और अब जब मिली को परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।