VIDEO: आधार ने गुम हुए बेटे से मिलवाया

देवेंद्र भामदरे, इंदौर (6 जुलाई): आधार कार्ड न सिर्फ सरकारी योजनाओं के फायदे में काम आता है बल्कि इसके कई दूसरे फायदे भी हैं। इंदौर के एक लड़के की कहानी ने इसे साबित कर दिया है। ये लड़का इंदौर से गुम हो गया था। 2 साल बाद वो अपने माता को मिल गया और ये मुमकिन हो पाया आधार कार्ड की वजह से।


इंदौर के निरंजनपुर के रहनेवाले रमेश का मानसिक रूप से कमजोर बेटा नरेंद्र करीब दो साल पहले घर से निकलकर कहीं चला गया। इस सिलसिले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन नरेंद्र का कुछ पता नहीं चल पाया। लेकिन डेढ़ साल बाद अब जाकर उसके बेंगलुरु में होने का पता चलने पर पिता ने राहत की सांस ली है।


बेंगलुरु के एक अनाथालय में 5 दिन पहले आधार कार्ड बनाने का कैंप लगाया गया था। 20 साल के नरेंद्र का भी आधार कार्ड बनाया जाना था। जैसे ही उसे फिंगरप्रिंट और रेटीना स्कैन के लिए बैठाया गया। सॉफ्टवेयर ने फौरन बता दिया कि इन फिंगरप्रिंट और रेटीना से मैच करता हुआ पहले से ही एक आधार कार्ड बना हुआ है। जांच हुई तो ये सही पाया गया और नरेंद्र की पहचान हो गई।


आधार कार्ड के लिए दर्ज नरेंद्र के घर के एड्रेस से उसके इंदौर के होने का पता लगने पर अनाथालय ने वहां के जिला प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद इंदौर जिला प्रशासन ने रमेश से संपर्क किया तो ये साफ हो गया कि बेंगलुरु के अनाथालय में मौजूद नरेंद्र उन्हीं का बेटा है। रमेश इंदौर के डीएम के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्हें बेटे को बेंगलुरु से लाने के लिए न सिर्फ पूरी मदद मिली है बल्कि नरेंद्र के आगे के भविष्य को संवारने को लेकर भी भरोसा दिलाया गया है।


डीएम की पहल पर सामाजिक न्याय विभाग के जरिए नरेंद्र को बेंगलुरु से इंदौर लाने का इंतजाम किया गया। जिसके बाद एसडीएम के साथ ही नरेंद्र के माता-पिता भी बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए।


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