न्यूज24 EXCLUSIVE: कश्मीर का नया 'शांति दूत'- मिर्ची बम

प्रशांत गुप्ता, नई दिल्ली (26 अगस्त): आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में अलगाववादियों ने जमकर उत्पात मचाया। सुरक्षाबलों पर जमकर पत्थर बरसाए गए और ऐसे में कश्मीर में सुरक्षा बलों का सबसे बड़ा हथियार बनी पैलेट गन। लेकिन इस गन पर सवाल उठने लगे, कहा गया कि ये गन मौत बांट रही है। पत्थरबाज़ों को अंधा कर रही है, लेकिन अब सरकार ने इसका विकल्प ढूंढ़ लिया है। कश्मीर घाटी में अब पैलेट गन की जगह मिर्ची बम का इस्तेमाल होगा। जी हां, अब मिर्ची बम बन गया है कश्मीर का नया शांतिदूत।

जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल पर विरोध के बाद सरकार अब पावा शेल गन लाने की तैयारी में है। गृह मंत्रालय की कमेटी ने डेमो के बाद इस लीथल वेपन के प्रोडक्शन पर अपनी मुहर लगा दी है। पावा शैल मिर्च में मिलने वाले कैमिकल से लैस एक लीथल यानी घातक हथियार है। जम्मू-कश्मीर और देश के दूसरे इलाको में बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां मिर्च में मिलने वाले केमिकल से लैस पावा शैल इस्तेमाल करेंगी। जिसे मिर्ची बम कहा जाता है। ये असम में उगने वाली भूत झोलकिया मिर्ची से बनता है।

क्या है मिर्ची बम

- ये बम टारगेट को कुछ समय के लिए बेसुध कर देने में सक्षम है।  - इससे व्यक्ति घायल तो नहीं होता लेकिन उसकी आंखों और सांस में केमिकल घुलते ही थोड़े समय के लिए वो बेहोश होकर ज़मीन पर गिर जाता है। - भारत सरकार की इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टैक्नोलाजी एंड रिसर्च की लैब में पिछले एक साल से मिर्ची बम का ट्रायल चल रह था। - रिसर्च सैन्टर ने कुछ दिनों पहले गृह मंत्रालय की कमेटी के सामने इसका डैमो भी दिया था। जिसके बाद इसे हरी झंडी दे दी गई। - सरकार की इजाजत मिलते ही मिर्ची बम के प्रोडक्शन का जिम्मा बीएसएफ की ग्वालियत स्थित टियर स्मोक यूनिट को सौंप दिया गया है। - सूत्रों की माने तो पहली खेप में 50 हजार मिर्ची बम बनाने का ऑर्डर दिया गया है। - एक्सपर्ट्स की माने तो पावा शैल आंसू गैस के गोले से ज्यादा टार्गेट को निष्क्रिय करने में सक्षम है। - इससे पहले सुरक्षा बल घाटी में पत्थरबाज़ों से निपटने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल कर रहे थे। - पैलेट गन पर सवाल उठाए गए, कहा गया कि इससे घाटी में कई लोगों की मौत हुई है। - पैलेट गन के छर्रों से कई लोगों की आंखों की रौशनी तक चली गई। - वहीं पावा शेल यानी मिर्ची बम ऐसा हथियार है, जो दुश्मन को चौंका देता है। अचानक आसमान में धुंआ, तेज रौशनी और धमाके की तेज आवाज आती है। - हुड़दंगियों को समझ में नहीं आता कि उसके साथ क्या होने वाला है, उसे लगता है कि आसमान से बमबारी शुरू हो गई है।  - लेकिन तब तक दुश्मन पर भूत झोलकिया मिर्च की आग बरसने लगती है।  - हुड़दंगियों की तादाद कितनी ही क्यों न हो, इस हथियार से बचना नामुमकिन है।  - एक बार में एक साथ मिर्ची बम के 7 फायर करती अग्निवर्षा उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए काफी है। - मिर्ची बम डैमो के दौरान कमेटी ने पाया कि ये लीथल वैपन चिली ग्रेनेड और आंसू गैस के मुकाबले ना केवल नेचुरल है बल्कि खतरनाक भी नहीं है। - इसके इस्तेमाल से उग्र भीड़ को बिना कोई बड़ा ज़ख्म दिए आसानी से काबू पाया जा सकता है।

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