आर्कबिशप के खत पर बोले राजनाथ, मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं, देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित

नई दिल्ली ( 22 मई ): रोमन कैथोलिक आर्कबिशप अनिल कूटो के द्वारा पादरियों को लिखे पत्र से विवाद खड़ा होने के बाद देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में मजहब, जाति और पंथ के आधार पर कोई अंतर नहीं होता है। भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह से सुरक्षित हैं।उन्होंने कहा, मैंने आर्कबिशप का कोई खत नहीं देखा है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भारत उन देशों में से एक है जहां अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं और किसी को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने की अनुमति नहीं है।गृहमंत्री राजनाथ सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब रोमन कैथोलिक चर्च के पादरी ने वर्तमान राजनीतिक माहौल को लेकर पत्र लिखकर कई तरीके के सवाल खड़े किए हैं। राजनाथ सिंह आज बीएसएफ के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विज्ञान भवन में गए थे। उस दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि चर्च के पादरी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिट्ठी लिख रहे हैं तो गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत देश में अल्पसंख्यक पूरी तरह से सुरक्षित हैं।गौरतलब है कि रोमन कैथोलिक के दिल्ली के आर्कबिशप अनिल कूटो द्वारा पादरियों को लिखे गए एक पत्र से विवाद खड़ा हो गया है। 8 मई को लिखे गए पत्र में उन्होंने वर्तमान राजनीतिक हालात को अशांत करार देते हुए अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए दुआ करने की अपील की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि हम लोग अशांत राजनीतिक माहौल के गवाह हैं।उन्होंने लिखा कि इस समय देश का जो राजनीतिक माहौल है, उसने लोकतांत्रिक सिद्धांतों और देश की धर्मनिरपेक्ष पहचान के लिए खतरा पैदा कर दिया है। राजनेताओं के लिए प्रार्थना करना हमारी पवित्र परंपरा है। इस पत्र पर बीजेपी ने भी आपत्ति जताई है।.