बिहार में फर्जी दस्तावेज के आधार पर यह महिला बनी मुखिया

मुकुल कुमार, मुजफ्फरपुर (27 जून): जिसे वोट देने का हक ना मिला हो अगर वो चुनाव जीतकर प्रधान बन जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। बिहार में कुछ ऐसा ही हुआ है, जहां जनता ने एक नाबालिग को गांव का मुखिया चुन लिया है। मामला मोतीपुर प्रखंड के इब्राहिमपुर का है, जहां लालसा देवी ने प्रधान का चुनाव लड़ा था। नतीजे लालसा देवी के पक्ष में आए थे और लालसा देवी गांव की प्रधान भी बन गई। लेकिन अब खुलासा हुआ है कि लालसा देवी नाबालिग हैं।

पूरा मामला फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का है। आरोपों के मुताबिक लालसा देवी ने चुनाव के वक्त जो डॉक्यूमेंट जमा किए थे। उसके मुताबिक उनके बर्थ ऑर इयर 1991 है, जबकि वास्तविकता में उनका जन्म 1998 में हुआ था। इसकी गवाही लालसा देवी के स्कूल के दस्तावेज दे रहे हैं। अब जब मामला सामने आ चुका है।

पूरा गांव हैरत में है। जिसे कानूनन वोट देने का हक नहीं है वो गांव की प्रधान बन चुकी हैं। बहरहाल अब अधिकारियों का ये कहना है कि उनके हाथ में कुछ नहीं है, अगर किसों को कोई आपत्ति है तो कोर्ट जा सकता है। इससे साफ होता है कि फिलहाल लालसा देवी अपने पद पर बनी रहेंगी।

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