कंप्यूटर में सेंधमारी पर विपक्ष हमलावर, सरकार ने कहा- देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 दिसंबर): 
10 केंद्रीय एजेंसियों द्वारा आपके कंप्यूटर में सेंधमारी की इजाजत देने के बाद संसद में जमकर हंगामा हुआ। इस बारे में विपक्षी पार्टियों में मोदी सरकार को जमकर हमला करते हुए तानाशाही का आरोप लगाया तो सरकार की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मोर्चा संभालते हुए देश की सुरक्षा के मामले पर विपक्ष से खिलवाड़ नहीं करने की बात कही।

वित्त मंत्री अरुण जेटली में संसद में कहा कि देश की सुरक्षा के मामले पर विपक्ष खिलवाड़ ना करे। उन्होंने कहा कि 100 साल पहले टेलिग्राफ एक्ट बना था और जहां भी सुरक्षा का मसला आता है तो इंटरसेप्ट करने का प्रावधान इस एक्ट में है। वहीं 18 साल पहले आईटी एक्ट बना, लेकिन 2009 में ये नियम बना कि किस एजेंसी के पास इंटरसेप्ट का अधिकार होगा। 2009 के आदेश को 20 दिसंबर रिपीट किया गया।

इस पूरे मामले पर विपक्ष ने संसद में जबरदस्त हंगामा हुआ, जिसके बाद राज्यसभा को 27 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने इसे सरकार का तानाशाही फैसला बताया है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने विरोधियों पर निगाह रखने के लिए ये फैसला लिया है। आपकी हर चीज की जानकारी सरकार के पास होगी। इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।

AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पीएम मोदी ने राष्ट्रीय एजेंसियों को हमारी बातचीत की जासूसी का आदेश पारित किया है, किसे पता था कि घर-घर मोदी का मतलब ये है।

आईए अब आपको बताते हैं कि क्या है पूरा मामला...

10 केंद्रीय एजेंसियों को देश के किसी भी कम्प्यूटर में सेंधमारी कर जासूसी करने की इजाजत देने के केंद्र सरकार के आदेश पर सियासत गर्मा गई है। विपक्षी दलों ने केन्द्र के इस आदेश को लोगों के निजता के अधिकार पर चोट करार दिया है। दरअसल गृह मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाते हुए 10 केंद्रीय एजेंसियों को किसी भी कम्प्यूटर की जासूसी करने की इजाजत दे दी है। गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक देश की ये सुरक्षा एजेंसियां किसी भी व्यक्ति के कंप्यूटर में जेनरेट, ट्रांसमिट, रिसीव और स्टोर किए गए किसी दस्तावेज को देख सकता है। मतलब आपके कंप्यूटर पर सरकार की नजर है, 10 एजेंसियों को जासूसी का अधिकार मिल चुका है।