मोदी सरकार के मंत्री ने रोहित और कन्हैया को बताया माओवादी

नई दिल्ली (8 मार्च): रोहित वेमुला पर सियासत थमने का नाम ले रही है। एकबार फिर मोदी सरकार के मंत्री ने रोहित और कन्हैया को माओवादी और अफजल गुरु का समर्थक बताते हुए कांग्रेस पर हमला किया है। पीएम मोदी जिस रेहित वेमुला की मौत पर आंसू बहा रहे थे, उसी रोहित पर सरकार के मंत्री थावरचंद गहलोत ने फिर एकबार कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीएम मोदी के मंत्री थावरचंद गहलोत ने रोहित वेमुला के बहाने कांग्रेस के उपाध्यक्ष और जेएनयू में चल रहे विवाद पर सीधा हमला किया है। कन्हैया और जेएनयू छात्रों के जरिए रोहित वेमुला को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे आंदोलन पर एक साथ वार किया है। कन्हैया और रोहित को माओवादी बताते हुए सरकार के एक्शन का समर्थन किया है।

थावरचंद गहलोत ने कहा, 'रोहित और कन्हैया की गतिविधियां भी वैसे ही हैं। दोनों माओवादी संगठन के हैं। रोहित एक प्रतिबंधित संगठन का रहा है, ऐसा मैने सुना है। उसपर प्रतिबंध लगा तो इन्होंने अंबेडकर एसोसिएशन बना लिया। जो हर साल इसी प्रकार की गतिविधियां चलाते हैं और फांसी के बाद याकूब के नाम पर शहीद दिवस मनाते हैं।'

गहलोत ने ये भी साफ किया कि रोहित वेमुला के मुद्दे पर विपक्ष जबरन मानव संसाधन मंत्री को घसीट रहा है जबकि स्मृति ईरानी का इसमें कोई रोल ही नहीं है। साथ में ये भी कहा कि स्मृति ईरानी, रोहित वेमुला पर सिर्फ वीसी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थीं।

गहलोत ने रोहित की मौत के बजाय उसकी जाति पर चल रहे विवाद पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी पर हमला करते हुए गहलोत ने कहा कि जिस रोहित वेमुला को दलित बताकर कांग्रेस सियासत कर रही है दरअसल वो दलित था ही नहीं।

पीएम मोदी रोहित की मौत पर भावुक होते हैं, राहुल दलित बताकर राजनीति करते हैं, मोदी के मंत्री रोहित से दलित शब्द को हटाकर सियासत की नई परिभाषा गढ़ते हैं और कन्हैया रोहित का नाम लेकर केंद सरकार पर हमला बोल रहा है।

रोहित पर सियासत जमकर हो रही है लेकिन सोसाइड नोट में रोहित के जरिए उठाए गए सवालों का हल ढूंढने में किसी को कोई दिलचस्पी नहीं है।