केरल: मंदिरों में पूजा कर रहा बंगाल का प्रवासी मजदूर

नई दिल्ली(10 फरवरी): केरल के पलक्कड़ के मंदिरों में पश्चिम बंगाल के निवासी एक प्रवासी मजदूर पुजारी के रूप में काम कर रहे हैं।

- यहां के दो मंदिरों में बंगाल के रहने वाले शंकर रोज पूजा करते हैं। उन्हें कई भाषाओं का ज्ञान भी है।

- शंकर मूल रूप से पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के रहने वाले हैं। वह पलक्कड़ के दो मंदिरों में रोज पूरा करते हैं।

- इनमें थेवरकुलम शिव मंदिर और वित्तनासरी अयप्पा मंदिर शामिल हैं। वह बहुत ज्ञानी हैं और उन्हें वेद और मंत्र अच्छी तरह से आते हैं।

- इसके साथ ही उन्हें चार भाषाओं, मलयालम, संस्कृत, इंग्लिश और बंगाली का ज्ञान है।

- वह मुंबई में एक होटेल कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। वहां से वह केरल आए और कल्पती में रहने वाले विश्वनाथन के लिए काम करने लगे।

- विश्वनाथन को जब पता चला कि शंकर को संस्कृत और वेदों का ज्ञान है साथ ही ज्योतिष में भी उनकी रुचि है तो उन्होंने अपने मित्र चंद्र वध्यार से उन्हें मिलाया। चंद्र वध्यार ज्योतिषी हैं और इलावंचेरी में पुजारी है।