मिड डे मील के लिए आधार नहीं अनिवार्य, सरकार कर रही है वैकल्पिक व्यवस्था

नई दिल्ली (27 मार्च): सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड की अनिवार्यता के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए साफ किया है कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के लिए इसे बाध्यकारी नहीं बना सकती। हालांकि कोर्ट ने भी कहा कि सरकार को बैंक खाते खोलने जैसी दूसरी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने से नहीं रोका जा सकता।


वहीं इस मुद्दे पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सुप्रीम ने साफ किया है कि किसी छात्रों को मिड डे मील देने से नहीं रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि मिड डे मील के तहत बच्चों को खाना भी मिलेगा और साथ में आधार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिनका आधार नहीं है उनका राज्य सरकार रजिस्ट्रेशन नंबर देगी, वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।


साथ ही प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस वक्त देश में 10 करोड़ बच्चों को मिड डे मील दिया जा रहा है। लेकिन सरकार की जांच में पता चला है कि 4.40 लाख बोगस बच्चे के नाम थे जिनके नाम पर सरकारी पैसे का डाईवर्जन हो रहा था। उन्होंने साफ किया कि सरकार मिड जे मील के लिए आधार को जरुरी नहीं बना रही। साथ ही विपक्ष पर हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग 10 साल से आधार की बात कर रहे थे अब  विपक्ष में आने के बाद इसका विरोध कर रहे हैं।