क्लार्क बोले, फिल ह्यूज की मौत के बाद ही मुझे संन्यास लेना चाहिए था

नई दिल्ली (1 दिसंबर): ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने ये खुलासा किया है कि उन्हें 2014 में फिलिप ह्यूज की मौत के बाद ही संन्यास ले लेना चाहिए था। क्लार्क ने यह भी बताया कि वो अपने दोस्त और साथी क्रिकेटर की मौत के बाद बुरी तरह टूट गए थे। गौरतलब है कि क्लार्क ने 2015 एशेज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था। उसी साल क्लार्क की कप्तानी में ही ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप का खिताब भी जीता था।

माइकल क्लार्क ने कहा कि इस अप्रिय घटना के बाद मुझे एक भी मैच नहीं खेलना चाहिए था। उन्होंने यह भी बताया कि मेरा करियर वहीं खत्म हो जाना चाहिए था, क्योंकि ह्यूज की मौत से उबरने में मुझे काफी समय लगा। क्लार्क ने कहा कि मैं दुखी था लेकिन मेरे परिवार के प्रति और ऑस्ट्रेलिया का कप्तान होने के नाते टीम के प्रति मेरी जिम्मेदारी बड़ी थी, इसलिए मैं उस समय ज्यादा दिनों तक दुखी नहीं रह पाया।

बता दें कि क्लार्क ने 2015 में एशेज श्रृंखला के आखिरी और अंतिम मैच में अपना 115वां टेस्ट खेलकर संन्यास ले लिया था।आस्ट्रेलिया की तरफ से 26 टेस्ट मैच खेलने वाले ह्यूज की नवंबर 2014 में घरेलू मैच के दौरान गर्दन पर गेंद लगने के कारण मौत हो गयी थी।