महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा किसान करते हैं आत्म हत्या

नई दिल्ली (6 जनवरी): कर्ज में डूबे किसानों को जब सूखे का सामना करना पड़ता है तो हताशा और निराशा में उनके सामने खुदकशी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता। प्राकृतिक प्रकोप और सरकारों की उदासीनता के कारण हर साल महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा किसान आत्महत्या करते हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो के रिकॉर्ड्स के मुताबिक 2014-15 के दौरान देश में किसानों की आत्महत्या के मामलों में 42 फीसदी इजाफा हुआ है। 2014 में 5650 किसानों ने आत्महत्या की थी, जबकि 2015 में 8007 किसानों ने मौत को गले लगाया। महाराष्ट्र में 3030 किसानों ने आत्महत्या की। इसके बाद तैलंगाना में 1358 और तीसरे नंबर पर कर्नाटक में 1197 किसानों ने खुदकशी की। भारत के छह राज्यों क्रमशः महाराष्ट्र, तैलंगाना, आंध्र प्रदेश कर्नाटक, मध्य प्रदेश और छत्तीस गढ़, कुल छह राज्यों में सबसे ज्यादा 94.1 प्रतिशत किसानों की आत्महत्या की वारदात होती हैं।