गृह मंत्रालय ने AAP से इसलिए मांगा चंदे का ब्योरा

अमित कुमार, नई दिल्ली (6 मई): केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तकरार है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस बार टकराव की वजह है आम आदमी पार्टी को मिलने वाला विदेशी चंदा। गृह मंत्रालय ने केजरीवाल की पार्टी को एक नोटिस भेजा है। नोटिस में आम आदमी पार्टी से विदेशी चंदे का हिसाब मांगा गया है।


आम आदमी पार्टी को ये नोटिस विदेशी सहायता नियमन कानून 2010 के जारी की गई है। इसमें पार्टी को दूसरे देशों से मिले चंदे का ब्योरा मांगा गया है। चंदे की जानकारी देने के लिए केजरीवाल की पार्टी को 16 मई तक का वक्त दिया गया है। हालांकि, मिनिस्ट्री ने साफ किया कि ये शोकॉज नोटिस नहीं है


सूत्रों के मुताबिक, केंद्र को शक है कि आम आदमी पार्टी ने विदेशों से चंदा जुटाने के लिए विदेशी सहायता नियमन कानून का उल्लंघन किया है। आप की ओर से जवाब मिलने के बाद गृहमंत्रालय आगे की कार्रवाई करेगा।


अब ये भी जान लीजिए कि गृह मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी से चंदे का ब्योरा क्यों मांगा है?

- केजरीवाल का साथ छोड़ चुके कुछ नेताओं ने आप पर गलत तरीके से विदेशी चंदा लेने का आरोप लगाया था।

- आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने गैर-कानूनी तरीके से फर्जी कंपनियों के जरिए फंड लिया।

- जिनकी आय के श्रोत का कोई सबूत नहीं था और ना ही इसकी जांच की गई।

- योगेंद्र यादव ने दावा किया था कि आप ने दिसंबर, 2016 में चंदा देने वालों की लिस्ट पार्टी वेबसाइट से हटा दी थी।

- कांग्रेस का आरोप है कि आप को विदेशों में मौजूद आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों ने चंदा दिया।

' वहीं, बीजेपी ने केजरीवाल की पार्टी पर हवाला के जरिए पैसे जमा करने का आरोप लगाया था।


केजरीवाल की पार्टी पर यही वो आरोप हैं, जिसकी सच्चाई जानने के लिए गृह मंत्रालय ने आम आदमी पार्टी से विदेशी चंदे का ब्योरा मांगा है। अब आप के नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार सिर्फ आम आदमी पार्टी को परेशान कर रही है।


आम आदमी पार्टी जहां गृह मंत्रालय की नोटिस को बदले की कार्रवाई बता रही है। वहीं विपक्ष का कहना है कि केजरीवाल हाथी के दांत की तरह हैं, खाने के और दिखाने के और। कुल मिलाकर केंद्र और दिल्ली सरकार एक बार आमने-सामने हैं। आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। अब देखना ये है कि चंदे की ये लड़ाई कहां तक जाती है।