पत्थरबाजों के खिलाफ प्लास्टिक की गोलियों का हो इस्तेमाल, पेलेट गन आखिरी विकल्प- गृह मंत्रालय

नई दिल्ली (17 अप्रैल): भले ही आतंकी संगठनों के उकसावे और पैसे की लालच में घाटी में उपद्रवी तत्व सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करते हों, आतंकियों से मुठभेड़ और तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाकर्मियों को परेशान करते हों, इन उपद्रवियों की वजह से कई सेना और स्थानीय पुलिस के जांबाज सिपाहियों को अपनी जान भी गवानी पड़ती है। फिर भी सरकार और ये जांवाज इन उपद्रवियों के जान को जोखिम में नहीं डालना चाहते, हर समय इनकी सलामती के लिए काम करती रहती हैं।


इसी कड़ी गृहमंत्रालय में सेना को घाटी के उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पेलेट गन की जगह ज्यादा से ज्यादा प्लास्टिक के बुलेट के इस्तेमाल की सलाह दी है। गृहमंत्रालय ने कहा है कि उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पेलेट गन का इस्तेमाल कम से कम की जाए। ताकि इस गन से पेलेट गन के मुकाबले उपद्रवियों को कम नुकसान हो और उनपर काबू आसानी से काबू भी पाया जा सके। गृहमंत्रालय ने कहा कि पेलेट गन आखिरी विकल्प है।