गृह मंत्रालय ने चरमपंथ और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए बनाए दो नए विभाग

नई दिल्ली ( 10 नवंबर ): केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चरमपंथ और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए शुक्रवार को दो नए डिविजन बनाए हैं। मंत्रालय ने काउंटर टेररेजम ऐंड काउंटर रैडकलाइजेशन (CTCR) तथा साइबर ऐंड इन्फ़र्मेशन सिक्यॉरिटी (CIS) नाम के डिविजन का गठन किया है। 

प्रशासनिक बदलाव में कई अन्य विभागों का मर्जर भी किया गया है। अभी गृह मंत्रालय में आतंरिक सुरक्षा के लिए तीन डिविजन थे। इंटरनल सिक्योरिटी एक, दो और तीन। मंत्रालय ने इंटरनल सिक्यॉरिटी-एक और इंटरनल सिक्यॉरिटी-तीन डिविजन का मर्जर कर दिया है। इसके अलावा इंटरनल सिक्यॉरिटी-दो अब CTCR के नाम से जाना जाएगा। 

अधिकारियों ने बताया कि CTCR के जरिए चरमपंथ से निपटने और आतंक पर नजर रखने के लिए तुरंत रणनीति बनाई जाएगी। यह विभाग आतंकवाद और चरमपंथ से निपटने के लिए टाइमलाइन में ऐक्शन प्लान बनाएगा। 

मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, आतंरिक सुरक्षा का आश्य बढ़ते चरमपंथ, खासतौर पर ऑनलाइन अपराध तथा आतंकवाद से है। उन्होंने बताया कि नए विंग का फोकस वैश्विक आतंकवादी संगठन पर नजर रखना होगा।

वहीं, CIS के जरिए ऑनलाइन क्राइम और धमकियों से निपटा जाएगा। इसमें साइबर धोखाधड़ी तथा हैकिंग भी शामिल होगा। साथ ही विंग इन घटनाओं को कम करने तथा उससे लड़ने के उपाय भी सुझाएगा।