मीटू ने मार डाला, पढ़ें स्वरूप राज का अंतिम खत

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 दिसंबर): नोएडा के सेक्टर 137 में जेनपैक्ट के असिस्टेंट वाईस प्रेसिडेंट ने मीटू का आरोप लगने के बाद नौकरी से निकाले जाने पर खुदकुशी कर ली। स्वरूप राज पर उनके ऑफिस में काम करने वाली दो महिलाओं ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। ऑफिस ने इंटरनल जांच के बाद इनको नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद से वो मानसिक तौर पर परेशान थे और इसी तनाव में उन्होने अपने घर पर खुदकुशी कर ली।

मरने से पहले स्वरूप राज ने अपनी पत्नी ने नाम एक खत भी लिखा, जिसमें उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि अगर वह जांच में सही भी पाया गया तो भी लोग उसको शक की निगाह से देखेंगे। पत्नी कृति के नाम लिखे अपने खत में स्वरूप राज कि, 'वह उनसे बहुत प्यार करते हैं। उन पर झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। उन्हें ऑफिस की ही लड़कियों ने झूठा फंसाया है। यदि जांच में उनको निर्दोष भी घोषित कर दिया गया फिर भी आरोप लगने की वजह से लोग उनको शक की निगाह से देखेंगे। इस तरह वो कैसे दोबारा कंपनी जाएंगे?

गुरुग्राम निवासी स्वरूप राज नोएडा सेक्टर-137 स्थित पैरामाउंट फ्लोर विले सोसाइटी में पत्नी के साथ रहते थे। पत्नी भी एक कंपनी में नौकरी करती हैं। मंगलवार रात जब पत्नी घर पहुंचीं तो स्वरूप राज को कमरे में पंखे से लटका पाया। बताया जा रहा है कि स्वरूप राज पर उनकी कंपनी की दो महिला सहकर्मियों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें  कंपनी ने उनको जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया था और कंपनी की तरफ से दिया गया लैपटॉप भी वापस ले लिया था। बताया जा रहा है कि इस वजह से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे।


जेनपैक्ट कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपों के चलते जांच के नतीजे आने तक व्यक्ति को निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने कहा, यह कंपनी के एक कर्मचारी की असमय मौत काफी दुखद है। वहीं पुलिस मामले की जांच की जा रही है। स्वरूप 2007 से जेनपैक्ट में काम कर रहे थे और कृति भी उनके साथ इसी दफ्तर में काम करती थी। करीब दो साल पहले दोनों का प्रेम विवाह हुआ. पुलिस मामले की जांच कर रही है।