#MeToo: एमजे अकबर मानहानि केस, 18 अक्टूबर को सुनवाई

प्रभाकर मिश्रा, न्यूज 24, नई दिल्ली (15 अक्टूबर): मीटू कैंपेन के तहत यौन शोषण के आरोपों में घिरे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर मानहानि केस में अब अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।पत्रकार प्रिया रमानी से यौन शोषण के आरोप के बाद एमजे अकबर ने उनके खिलाफ मानहानि का केस किया है। विदेश राज्यमंत्री अकबर ने सोमवार को पटियाला हाउस अदालत में दी अपनी शिकायत में प्रिया रमानी पर ‘जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से’ उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया। अकबर ने अपनी शिकायत में कहा, ‘ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी (रमानी) ने द्वेषपूर्ण तरीके से कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसे वह मीडिया में बेरहमी के साथ फैला रही है। यह भी स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता (अकबर) के खिलाफ झूठी बातें किसी एजेंडे को पूरा करने के लिए प्रायोजित तरीके से फैलाई जा रही हैं। आरोपों की भाषा और सुर पहली नजर में ही मानहानिपूर्ण हैं।’ अधिवक्ता संदीप कपूर के जरिये दायर शिकायत में रमानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-499 (मानहानि) के तहत नोटिस जारी करने का अनुरोध किया गया।आपको बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अकबर के केस की पैरवी 'करनजावाला एंड को' लॉ फर्म कर कर रही है। इस फर्म के 97 वकीलों की टीम एमजे अकबर के केस पर काम कर रही है। हालांकि, लॉ फर्म का कहना है कि इनमें से सिर्फ 6 वकील ही कोर्ट में अकबर का पक्ष रखेंगे।वहीं एमजे अकबर के कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रिया रमानी ने एक बयान में कहा कि वह मानहानि आरोपों का सामना करने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘कई महिलाओं द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों का जवाब देने के बजाय वह डरा धमकाकर और प्रताड़ित करके उन्हें चुप कराना चाहते हैं।’गौरतलब है कि यौन शोषण के खिलाफ शुरू हुए ‘मी टू’ अभियान ने हाल ही में भारत में जोर पकड़ा है और एक के बाद एक कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप सामने आए हैं। अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिलाओं में प्रिया रमानी के अलावा गजाला वहाब, शुमा राहा, अंजू भारती और शुतापा पॉल शामिल हैं।ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये रिपोर्ट...