तापमान बढ़ने से कुदरत का निज़ाम बिगड़ा

पल्लवी झा, संकेत पाठक, नई दिल्ली (1 अप्रैल): कायदे से गर्मी की शुरूआत अप्रैल के महीने में होती थी। अप्रैल शुरू हो चुका है लेकिन इस बार शुरूआत अप्रैल से नहीं बल्कि उससे पहले ही हो गई थी। सर्दी के मौसम में ही लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा था और फरवरी के तापमान ने दशकों का रिकार्ड तोड़ डाला। 2015 में दुनियाभर में तापमान की बढ़ने की वजह से कुदरत का निज़ाम बिगड़ा और पूरी दुनिया कुदरत की मार से बेहाल रही। अब 2016 के लिए डब्लूएमओ यानी विश्व मौसम संगठन डराने वाली भविष्यवाणियां कर रहा है।

तापमान मीटर तोड़ रहा है। फरवरी रिकार्ड तोड़ रही है और मार्च ने जाते जाते बता दिया कि आगे कुदरत का कहर बहुत बड़ा है। महीने के आखिरी दिन गर्मी ने 38 डिग्री पर मार्च पास्ट कर के ये साबित भी कर दिया है, कुदरत के इस आने वाले कहर को झेलने या उससे बचने के अलावा आपके पास कोई रास्ता नहीं हैं। क्योंकि सिर्फ धरती का वो हिस्सा गर्म नहीं हुआ है जहां आप रहते हैं। बल्कि पूरा का पूरा गोला आसमान की इस आग से जल रहा है। धरती पर कुदरत की ये कैसी आग लगी है।

इसकी वजह क्या है? वो हम आपको आगे बताएंगे लेकिन उससे पहले ये जान लीजिए कि इस तपिश ने अंटार्कटिका के ग्लेशियरों को गलाना शुरू कर दिया है और अगर ये यू हीं जारी रहा तो समुद्र से लगने वाले छोटे मोटे टापू और शहर, जिसमें भारत के तीन महानगर मुंबई चेन्नई और कोलकाता भी आते हैं डूब जाएंगे। इसे विज्ञान की भाषा में ग्लोबल वॉर्मिंग कहते हैं। ये बहुत चिंता का विषय है। इसने पूरी दुनिया चिंता में डाल रखा है। पिछले साल पेरिस में दुनिया भर के नेता बढ़ते तापमान पर चिंता जता चुके हैं। 

आम आदमी की नज़र उन तापमानों पर है जो अप्रैल के महीने से शुरू होते हैं और जून आते आते लोगों को घरों में कैद करने रहने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा लगता है मानों सड़कों पर कर्फ्यू लग गया है। तो अगर आप इस गर्मी से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं तो ये उम्मीद छोड़ दीजिए। बकौल मौसम वैज्ञानिक अप्रैल के महीने में ही तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री ऊपर है। और यही ट्रेंड मई और जून में भी जारी रहेगा। यानी मतलब साफ है। इस बार फिर से आसमान से बरसेंगे शोले। शायद और ज़्यादा तपिश के साथ। 

मार्च ने जाते जाते इस साल पड़ने वाली गर्मी का ट्रेलर दिखा दिया है। महिने आखिरी दिन अधिकतम तापमान ने 5 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। और 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सूरज के तीखे तेवर से लोग परेशान होना शुरू हो गए हैं। सड़के सुनसान हैं और लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अपने अपने तरीके आज़माने में जुटे हुए हैं। अप्रैल के पहले दिन गर्मी का सबसे ज़्यादा अहमदाबाद में हुआ जहां तापमान 34 डिग्री रहा। उसके बाद चेन्नई के लोगों 33 डिग्री का टॉर्चर झेला। जयपुर, लखनऊ, भोपाल और हैदराबाद में तापमान 32 डिग्री रिकार्ड किया गया। जबकि दिल्ली पटना मुंबई में गर्मी 31 डिग्री रही। मगर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से चंडीगढ़ में तापमान 30 डिग्री ही रहा।